आनन्द चतुर्दशी

Anand Chaturdasi

आनन्द के धागा बन्धाने का पर्व आनन्द भगवान को समर्पित है, जिसमे मु्ख्य पुजा भगवान बिष्णु की होती है। भगवान इस धागा को बांधने वाले के घर आनन्दित रहने का आर्शिवाद देतै है। महिला बाये तथा पुरुष इसे दाहिने हाथ मे बांधते है।

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विश्वकर्मा पुजा

Vishwakarma Puja

प्रकृति के रचनाकार एवं शिल्पकार विश्वकर्मा आज हमें शक्ति दो कि हम वर्तमान के चुनौती का सामना कर सके। मानव के विकाश की पराकाष्ठा दुसरे ग्रहो पर भी जाये ऐसी हमे उन्नती दो। मेरे अंदर एक उत्साह का भाव भर दो।

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तीज

Teej

पति के लिेए आयु मांगती पत्नी तीज करती है, और नाजुक रिस्ते मे नया रंग भरती है। माता पार्वती को समर्पित यह पर्व पुर्णतः निर्जला होता है।

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कृष्ण जन्माष्टमी कविता

Krishna Janmashtami

कृष्ण जन्माष्टमी मानव समाज को आपसी रिस्तो की समझ के साथ राष्ट्र की चेतना को बनाये ऱखने के लिए जरुरी तथ्य को की ओर इसारा करता है। हमारा कर्तव्य है कि हम सतर्क तथा सहज रहे लेकिन प्रयासरत रहे।

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अखण्ड जाप कविता

Akhand Jap

अखण्ड जाप कविता चंचल मन को स्थिर करने के एक उपाय है जिसमे एक प्रयोजन को स्थापिता किया जाता है जिससे की मन को चेतना की प्राप्ती होती है। आजकल के भाग दौर के जिवन मे इस तरह के युक्ति शान्ति का एक उपाय देती है।

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प्यारी भाभी

Pyari Bhabhi

आधुनिक समाज मे देवर भाभी के रिस्ते एक नयी सोच की कहानी कहती है। समाज मे चल रही कहानी को कहती नैतिक मुल्यों को निर्धारित करती यह कविता हमे एक चित्र बिंबित करती है। हमारे सोच की गहराई को नापकर एक नया लुक देने की कोशिश समाज को एक नयी दिशा देगी।

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