करवा चौथ

करवा चौथ

आपसी रिस्तो मे भक्ति से शक्ति तथा इसका समायोजन के मुल्य को निर्धिरत करता करवा चौथ का पर्व हमें सामाजिक मान मर्यादा का पाठ पढ़ाता है। रिस्तो को मजबुती के आधार को सुदृढ़ करता है। समय के साथ होने वाले परिवर्तन को नियंत्रित करके एक योग को स्थापित करता है।

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मां दुर्गा और युद्द भूमी

मां दुर्गा और युद्ध भूमी

बिजयादशमी का पर्व मां के शौर्य गाथा को दर्शाने का दिन है। यह हमे पाप पर धर्म की बिजय के एक युग की कहानी को कहता है। हमारे लिए तो आज भी युद्द भूमी सज जाती है और हम माता को याद करते है। माता हमें सत्य पर लड़ने की शक्ति देती है। जिससे की शांंती और स्थिरता बनी रहे। जय मां

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दुर्गा माती की आरती

Durga Mata ki Arti

दुर्गा की नविन आरती हमारी कामना तथा माता के प्रति हमारी आगाध लगाव को दर्शाता हमारी प्रर्थना है। हम माता से अपनी सानिध्य, तथा भक्ति के प्रगाढ़ता को व्यक्त करने का ये माध्यम को अपनाते है जिससे हमारा पुर्ण मार्ग दर्शन हो सके।

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चौथी सावन सोमवारी कविता

Fourth Sawan Sombari

सावन की चौथी सोमवारी कविता भगवान शिव भक्ति की प्रगाढ़ता का भाव पुष्प अर्पित करते हुए जो भक्त के मन मे उठता है। उसी भाव को दर्शाता यह कविता शिव से बिशेष शक्ति की अनुऱोध कर रहा है। भक्त की भक्ति का यह अनुपम संयोग का बर्णन आपको अवश्य अनग्रहित करेगा।

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सावन का तिसरा सोमवारी कविता

Third Sawan Somwari

शिव के जलाभिषेक की गाथा हम सावन के तिसरी सोमवारी के रुप मे करने जा रहे है। जल की महीमा तथा शिव भक्ति का अपार भाव हमारी मन को जित लेता है। भक्ति भाव से परिपुर्ण यह कविता हमारी भाव को एक स्तर और उपर ले जायेगा।

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दुसरी सोमवारी कविता

Dusra Sombari

सावन की दुसरी सोमवारी शिव की आऱाधना का एक अदभुत संयोग की गाथा है। शिव के प्यार को पाने का एक सुखद संयोग भी है। मन से बिचार से तथा व्यवहार से शिव शक्ति को साधने का मार्ग सुगम करेने वाला समय है।

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पहला सोमबारी कविता

Pahala Sombari

भक्ति के भाव से परिपुर्ण यह महा पर्व लोगो के विश्वास और आस्था का जिता जागता प्रमाण है। शिव की महिमा का साक्षात प्रकटिकरण होता है। मनोभाव से लोगो की आस्था चरम पर रहती है। सकल मनोरथ पुरा करने का बड़ा ही संयोग होता है।

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