राष्ट्रीय पोषण माह (शुभारंभ)

राष्ट्रीय पोषण माह
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राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ 9 सितम्बर को किया गया जो अगले 8 अक्टूबर तक चलेगा। भादो के महीना मे लगातार वारिश होती है। इससे प्रयाप्त खादान्न की उपलब्धता बाधित हो जाती है। इसके लिए पहले से सुरक्षित भोजने को उपयोग मे लाया जाता है। जो लोग दैनिक भोजन प्रवंधक है उसके लिए लागातार वारिश की समस्या परेशानी लेकर आती है। जो उपलब्ध हो पाता है उससे वे अपना काम चला लेते है। इसके कारण उसके शरीर मे आवश्यक पोषक तत्व की कमी आ जाती है। इस कमी के कारण शरीर की सुरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है।

कमजोर सुरक्षा प्रणाली के कारण स्वास्थ्य की समस्या बन जाती है। इस समय मे सक्रमण की ज्यादा संभावना रहती है। लागातार हो रहे संक्रमण के प्रहार से शरीर की सुरक्षा प्रणली दवाव मे आकर अपनी प्रतिक्रिया कम कर देती है जिससे व्यक्ति के संक्रमित होने की क्षमता बढ़ जाती है। जब व्यक्ति अपने दिनचार्या के तहत कार्य करते हुए संक्रमित हो जाता है तो उसके बीमार होने से उसकी स्थिती और खराब हो जाती है।

न्युनतम आय से निचे गुजर बसर करने वालो के लिए उपयुक्त पोषणाहर की व्यवस्था सरकार के द्वारा की जाती है जिससे की उसके स्वस्थ्य की समस्या से निजाता पाया जा सके। एक माह के समय मे उसको उपयुक्त पोषण मिलने के कारण उसके बीमार होने की संभावना कम हो जाती है। छोटे बच्चे इसके प्रति ज्यादा संबेदनशील होते है जिससे की उसको संक्रमित होने की संभावना ज्यादा होती है। सरकार के द्वार दिये गये दिशा निर्देश ओर भोजन की समुचित उपबल्धता के कारण इस तरह की समस्या की निजात पाया जा सकता है।

भोजन मे प्रोटीन, वसा, विटामिन तथा कार्वोहाईड्रेट की उपयुक्त मात्रा का होना जरुरी है जिससे शरीर को स्वस्थ्य रहने मे मदद मिलती है। इस समय को सबको जानकारी तथा समुचित व्यवस्था करने की जरुरत है जिससे की स्वयं को स्वस्थ्य रखा जा सके। इसके लिए खास जागरुकता को बनाये रखने की जरुरत है। 9 सितम्बर से शुरु होने वाले इस खास समय को सबको जानकारी हो और सबकी स्वास्थ्य अच्छी हो तो ये कदम राष्ट्र के निर्माण मे अहम भूमिका हो सकती है।

लेखक एवं प्रेषकः अमर नाथ साहु

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By sneha

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