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एक अनोखी मुलाकात

एक अनोखी मुलाकात

एक अनोखी मुलाकात किसी व्यक्ति से मिलने की पुरी पटकथा हमारी मन मे चल रहे उसके प्रती विचार पर निर्भर करता है। हमारे विचार को बनने के लिए एक दुसरे के प्रति लगाव और सम्मान के साथ जरुरत की व्यवस्था पर निर्भर करता है। यदि व्यक्ति हमारे भाव के हो तो हमारे विचार लगातार सक्रिय रहते है और हमे प्रेरित करते रहते है। विचार के आदान प्रदान के बाद एक दुसरे प्रति नजरीया मे भी निखार आता है। एक संपुष्ट नजरीये के बाद आपसी लगाव को एक अर्थ मिलने लगती है और फिर एक अच्छी सोच के साथ आने वाले…
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एक फूल की भेंट

एक फूल की भेंट

एक फूल की भेंट   सुखद वैवाहिक जीवन के हसीन सपनो को सजाता हुआ जीवन आगे चलता जाता है। इसमे संभावनाओं के मोती जड़े होते है। इस संभावनाओ को हम अपने कार्य क्षमता और उम्मीद के सहारे सिंचते चले जाते है। जबकी प्राकृतिक रुप से वास्तविकता कुछ और ही होती है, क्योकि परिस्थिती लगातार बदलती रहती है। हमको इस बदलाव को ख्याल करके अपने कार्य को समझना और समझाना होता है। यहीं से जीवन को जीने की सच्ची अनुभूती की शुरुआता होती है। यही गुण बड़ा होकर व्यक्ति को गुणत्मक रुप मे स्थापित करता है। ऐसी ही एक कहानी का…
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मेंहदी और प्यार

मेंहदी और प्यार

मेहदी और प्यार मेहदी और प्यार मेहदी के रंग अपनी खुबसुरती के लिए जाना जाता है। यह मनोभाव के आंतरिक भाव को उकेरता है। मेहदी को लगाने के बाद ततकालिक तैर पे जो बदलाव दिखता है वह हमारी वर्तमान सोच को बदल देता है। हमारे सोचने के पहले के व्यवहार मे थोड़ा बदलाव जाता है। जिससे प्यार के प्रति व्यवहार और उत्साह दोनो बढ़ जाता है। मेहदी को लोग रश्म के तैर पर भी इस्तेमाल करने लगे है जिससे की समान्य अवस्था से मन को प्यार के तरफ उत्साहित किया जा सके। इस समय होने वाले मनोरंजन हमारे खुशी को…
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प्यार के उपहार

प्यार के उपहार

प्यार के उपहार प्यार की उपहार     प्यार भावपुर्ण अभिव्यक्ति का माध्यम है जिसमे एक दुसरे के प्रति निष्ठावान होते हुए हम जीवन को उल्लासपुर्ण माहौल मे जीने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते है। जब किसी को प्रसन्नचित करना चाहते है तो उसके खुशी का ख्याल करते है और भावभंगिमा बनाकर उसे प्रभावित करने की कोशिश करते है जिससे की उसके मनोभाव बदल जाते है। ऐसा करते समय हमारी तैयारी खास तरह की होती है जिससे उत्साह के साथ भरपुर मनोरंजन होता है। प्यार को जागृत किया जाता है जिससे की उसके मनोभाव समायोजित होकर दृढ़तापुर्ण व्यवहार के साथ एकात्मभाव…
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भोगवादी समाज का दर्द

भोगवादी समाज का दर्द

भोगवादी समाज का दर्द विज्ञान ने हमारे सोंच के मूल अवधारणा को बदल दिया है, जिसके कारण हमारी सोच भौतिकतावादी होकर रह गई है। इसी भौतिकतावादी सोंच के कारण हमारे अंदर भगवान के द्वारा गलत करने पर दंड देने की सोंच मे परिवर्तन आ गया है जिसके कारण आज समाज का परिदृष्य बदल गया है। अपराध करने वाले को व्यवस्था का डर होता है जबकि पहले भगवान का भी डर होता था। आज भी कुछ ऐसे लोग है जो भगवान की प्रभुसत्ता को स्वीकारते है और उसके अनुरुप आचरण भी करते है जससे समाज के अंदर गुणता बनी हुई है।…
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साथी और प्यार

साथी और प्यार

Shathi Aur Pyar साथी और प्यार जीवन मे आगे बढ़ने वाले की पाकृति अलग होती है उसके सोचने समझने तथा व्यवहार करने के पहलू अलग होते है क्योकि वो आगे बढ़ने मे काम आने वाले पहलू पर लगातार बिचार करता रहता है। वह अपनी नियत खुशी को पाने के लिए जो सक्षम प्रयास की जरुरत होती है करते रहने के लिए स्वयं से प्रेरित होते रहतें है। उसकी यही बृती उसके विकास को आगे बढ़ाती है और वह स्वयं को खुशी रखने की लगातार कोशिश भी करता रहता है। इस तरह के व्यक्ति को खुद पे विश्वास होता है क्योकी…
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प्राकृतिक रिश्ते

प्राकृतिक रिश्ते

प्राकृतिक रिस्ते प्राकृति मे होने वाले उथल पुथल से हम प्रभावित हए बिना नही रह सकते है। हमें इसका ध्यान रखना परता है। जितना ही अधिक जानकारी हम इसका रखते है उतना ही हम सुखी रह सकते है। हमारे चारो ओर प्रकृति प्रदत वस्तु मौजुद है। यहां तक की हम भी प्रकृति के ही अधिन है और वातावरण के साथ लगातार संयोजित होते रहते है। प्रकृति के साथ हमारा सबंध प्यार का है यानी की हमारी जीवन और जीवन से जुड़ी सारी खुशी के लिए हम इसपर ही निर्भर करते है। जो लोक प्राकृतिक आवास और मौसम के बिच रहते…
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प्यार की खोज

प्यार की खोज

प्यार की खोज युवावस्था के शुभारम्भ के साथ ही प्यार की सुगबुगाहट होने लगती है। कुछ प्यार मे सफल हो जाते है तो कुछ सफलता के मझदार मे उलझ जाते है। इन उलझे को सुलझने की जरुरत है जिससे की जिन्दगी की नैया को पार लगाया जा सके। वस्तुतः प्यार को चाहने वाले की समझ कुछ अलग होती है। वह अपने कार्य के प्रती ज्यादा जुराव रखते है। उसमे इसके करने के प्रति एक जजवा होता है। जिसे पा जाने के वाद उसके विकाश की दिशा उतरोत्तर हो जाती है। यदि व्यक्ति भूखा हो तो उसको प्यार की चाहत नही…
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मुस्कान और थकान

मुस्कान और थकान

मुस्कान और थकान रिस्तो मे भावनाओं को समझने की कला के साथ एक दुसरों को खुश रखने की मनोबृती बनने लगती है तो सुख और समृद्धी का अनोखा मौसम छा जाता है। आस परोस बन्धु बांधव के साथ भी हमारा व्यवहार अनोखा होने लगता है। कहते है शुरुआत खुद से हो और आगे बढ़ाते जाए तो बिश्वास भी मजबुत होने लगता है। समय के साथ होने वाली परेशानी और उससे निपटने के तरीके को यदी हम सही से नही समझते है या हमारी आकांक्षा काफी उंची होती है और हमारी आमदनी कम तो हम जीवन मे तनाव के साथ जीते…
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Happy and Love

Happy and Love

खुशी और प्यार खुशी और प्यार प्यार एक दूसरे को समझने का बंधन है जिसके सहारे खुशियों को उच्च स्थान प्राप्त होता है। बंधन हमारे स्वभाव जनित संबंध को दर्शाता है। इसकी गहराई हमारे सक्रियता पर निर्भर करता है। समय के साथ यदि इसमें बदलाव होता है तो खुशियां भी कम या अधिक हो जाती है। आजकल के व्यवसायिक सोच ने संबंधों को भी प्रभावित करने लगा है। जिससे खुशियों को बनाए रखना एक गंभीर चुनौती बन गई है। सीमित अवधि वाला खुशी यदि जोखिम भरा भी ही तो कई लोग आगे निकल जाते है जिससे की उसमे प्यार की…
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