विश्व शरणार्थी दिवस

विश्व शरणार्थी दिवस

Oplus_131072 विश्व शरणार्थी दिवस शरणार्थी मतलब होता है शरण मांगने वाला। शरण मांगने वाला व्यक्ति का वस्तुतः कोई अधिकार नही होता है। बस मानवता के आधार पर उसको शरण देने की बात होती है। ऐसा होता है कि शरणार्थी को कुछ दिन ठहर जाने के बाद उसको अपने स्वस्थान पर लैट जाना होता है जिससे की शरण देने वाले को वो बोझ नही बने। देश के स्तर पर सोचें तो इस तरह की समस्या तब आती है जब घरेलू हिंसा होने लगती है। कनुन की स्थिती बिगर जाती है। आपराध को नियंत्रण करना वहां के प्रशासनिक स्तर की बात नही…
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संघर्ष से संबंधित यौन हिंसा के उन्मुलन के लिए अतर्राष्ट्रीय दिवस

संघर्ष से संबंधित यौन हिंसा के उन्मुलन के लिए अतर्राष्ट्रीय दिवस

Oplus_131072 संघर्ष से संबंधित यौन हिंसा के उन्मुलन के लिए अतर्राष्ट्रीय दिवस International Day for the Elimination of Sexual Violence in Conflict संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा 19 जून 2015 को इस दिवस की स्थापना की गई। इसका उदेश्य युद्धरत देश या ऐसा देश जहां पर दुसरे देश का शासन हो गया है और जहां पर लोकतंत्र नही है वहां पर महिलाओं पर होने वाले यौंन हिंसा को रोकना। विशेषकर यौन हिंसा के मामले को लेकरके ज्यादा सावधानी बरतने की जरुरत है। इस तरह के विचारधारा को संचालित होने से विश्व स्तर पर लोगों की संवेदनशीलता बढ़ेगी तो युद्धरत देश…
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विश्व मरुस्थलीकरण और सुखा रोकथाम दिवस

विश्व मरुस्थलीकरण और सुखा रोकथाम दिवस

Oplus_131072 विश्व मरुस्थलीकरण और सुखा रोकथाम दिवस विकाश के आधुनिक मॉडल तेजी से आकार लेता जा रहा है। इसके दुष्परिणाम भी सामने आने लगे है। ग्लोबल वार्मिग से जहां पर वर्षा प्रभावित हुई है वही पर इसका बुरा प्रभाव मानव जीवन पर भी पड़ा है। वर्षा लगातार प्रभावित हो रही है मौसम की वारिश की भी वितरण वहुत प्रभावित हुआ है। अधिक उर्वरक का उपयोग करने के कारण लगातार खेत की मिट्टी प्रभावित हो रही है। जिससे भूमि बंजर बनती जा रही है। पेड़ पैधे जहां वर्षा जल को संरक्षित रखते है वही पर वर्षा बादल बनाने मे भी बड़ी…
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अंतर्राष्ट्रीय परिवार प्रेषण दिवस

अंतर्राष्ट्रीय परिवार प्रेषण दिवस

Oplus_131072 अंतर्राष्ट्रीय परिवार प्रेषण दिवस वैश्विक बाजार के सुदृढ़ होने के कारण देश विदेश की सिमायें व्यपार के लिए खुलने लगी है। पहले अधिकांश लोग देश के अंदर ही रोजगार की तलाश मे रहते थे और अधिकांश लोगों को रोजगार मिल भी जाता था। लेकिन अब जब वैश्विक बाजार का स्तर लगातार उँचा हो रहा है लोग विदेश जाकर रोजगार की तलाश करने लगे है। जिसको जहां अपनी व्यवस्था अच्छी लगती है वह वहां पर स्थिर हो जाता है। इस तरह से व्यपार का एक नया स्वरुप देखने को मिल रहा है।  अब अर्जित की हुई राशि को अपने स्वदेश…
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विश्व बृद्ध दुर्व्यवहार जागरुकता दिवस

विश्व बृद्ध दुर्व्यवहार जागरुकता दिवस

Oplus_131072 विश्व बृद्ध दुर्व्यवहार जागरुकता दिवस बढ़ती बैश्विक गतिविधी के बीच परिवार छोटे-छोटे टुकड़ो मे बटने लगा है। इसका कारण आय का असमान वितरण है। आय के इस व्यवस्था से असंतोष की भावना पैदा होती है। यही असंतोष आपसी विवाद का कारण बनता है और परिवारीक बिखराव के रुप मे सामने आता है। व्यापार की बढ़ती प्रतिस्वर्धा के कारण लोगो का एक स्थान से दुसरे स्थान तक प्रवास करना तथा सिमित जगह मे रहना भी एक परेशानी का कारण बन रहा है। इसी आपाधापी के बीच बड़े बुजुर्ग की परेशानी बढ़ने लगी है। उसके रहन-सहन, खान-पान पर पहले के समय…
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विश्व बाल श्रम निषेध दिवस

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस

Oplus_0 विश्व बाल श्रम निषेध दिवस    बालापन बड़ा ही भोलाभाला होता है। इस दौर मे देखकर सीखने की प्रक्रिया की प्रवलता रहती है। हर बस्तु के प्रति अपना एक दृष्टिकोण बनाने की नीव परती है। इसी आपाधापी के बीच बढ़ता जीवन बहुत कुछ सीखता है। इसीसे जुड़ी एक दास्तान की कहानी की चर्चा यहां की जा रही है।  जीवन से जुड़ी हर बात को समझने और उसपर अपनी प्रतिक्रिया देने की कला सीखनी होती है। बच्चो का प्राथमिक पाठशाला घर को ही माना जाता है। इसके बाद बच्चों विद्यालय की ओर आगे बढ़ते है। बच्चो के मानसिक विकाश की…
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राष्ट्रीय मेकिंग लाइफ ब्यूटीफुल दिवस

राष्ट्रीय मेकिंग लाइफ ब्यूटीफुल दिवस

Oplus_0 राष्ट्रीय मेकिंग लाइफ ब्यूटीफुल दिवस आजकल की भागमभाग जीन्दगी मे चुनौतीयां काफी बढ़ गई है। इन चुनौतियों के बीच समय और कार्य का समंजस्य स्थापित करना कठीन हो रहा है। जरुरत बहुत बढ़ गई है और आमदनी उस अनुपात मे लोगों को नही हो रही है जिससे कठीनाईयां आ रही है। इस पुरी प्रक्रिय का असर व्यक्ति के समान्य जीवन पर रहा है।  जीवन को सुन्दर बनाने के लिए समय, कार्य, खान-पान के साथ स्वास्थ्य की भी समुचित व्यवस्था करने की जरुरत है। इस कार्य को व्यवहार मे लाने के लिए आज के दिन को विशेष रुप से मानाय…
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विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस

विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस खाद्दान मानव की मुलभूत जरुर मे से एक है। जीवन प्रयंत इसकी आपुर्ती होती रहे इसके लिए इसकी सुरक्षा जरुरी है। खाद्दान के संरक्षण की जरुरत है क्योकि इसके नष्ट होने की संभावना बहुत अधिक रहती है। बदलते पार्यावरण के कारण आजकल खाद्दान के उत्पादन बहुत प्रभावित हो रहा है। ग्लोबल वार्मिग के कारण जो तापमान मे परिवर्तन आया है इसके कारण बर्षा बहुत प्रभावित हुआ है जिससे की स्थानीय मौसम भी प्रभावित हुआ है। इस प्रभाव के कारण खाद्दान की उत्पादकता प्रभावित हुई है।  बढ़ती जनसंख्या भी खाद्दान कि कमी को दर्शाता है। विज्ञान के…
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एक अनोखी मुलाकात

एक अनोखी मुलाकात

एक अनोखी मुलाकात किसी व्यक्ति से मिलने की पुरी पटकथा हमारी मन मे चल रहे उसके प्रती विचार पर निर्भर करता है। हमारे विचार को बनने के लिए एक दुसरे के प्रति लगाव और सम्मान के साथ जरुरत की व्यवस्था पर निर्भर करता है। यदि व्यक्ति हमारे भाव के हो तो हमारे विचार लगातार सक्रिय रहते है और हमे प्रेरित करते रहते है। विचार के आदान प्रदान के बाद एक दुसरे प्रति नजरीया मे भी निखार आता है। एक संपुष्ट नजरीये के बाद आपसी लगाव को एक अर्थ मिलने लगती है और फिर एक अच्छी सोच के साथ आने वाले…
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उधार और सुधार

उधार और सुधार

उधार और सुधार उधार लेने वाले बड़े ही आशावान प्रवृति के होते है। उनको ऐसा लगता है कि वर्तमान स्थिती से निकलने के लिए उसके एक मात्र सहारा आपसी सहयोग का उपयोग करके वो आगे निकल सकतें है।इसके लिए वो अपने सबसे विश्वस्त को खोजते है और उसमे से एक एक करके चुनाव करते है और अपनी स्थिती को मजबुत करने की असफल कोशीस करते है। उधार लेते समय उनकी विकाश की महत्वाकांक्षा प्रभावी रहती है लेकिन वो खुद को परेशानी से बाहर निकलन मे अपनाी जमा पुजी खर्च कर देते है जिससे उसके माली हालत मे सुधार नही होता…
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