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Oplus_131072 हिन्दी भारत मे बलेजानी वाली लोकप्रीय भाषा है। इसको भारत के संबिधान सभा के द्वार 14 सितम्बर को स्वीकार किया गया था। भारत के राष्ट्रीय कार्य अब और अच्छी तरह से हिन्दी मे होने लगे है। यहां हिन्दी के अलावा क्षेत्रीये भाषा को भी जरजीह मिलती है। वही पर अंतर्राष्ट्रीय भाषा का दर्जा प्राप्त कर चुके अंग्रेजी भी अपनी पैठ लगातार बढ़ा रहा है। हिन्दी को इन भाषाओं से लगातार चुनौती मिलती रहती है। फिर भी हिन्दी अपनी गरीमा को बनाये रखने मे कामयाब हुुई है। हिन्दी ने अपने अंदर अनेक भाषाओं के समृद्ध शब्द को सामावेश किया है…