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राष्ट्रीय हिंदी दिवस

राष्ट्रीय हिंदी दिवस

Oplus_131072 हिन्दी भारत मे बलेजानी वाली लोकप्रीय भाषा है। इसको भारत के संबिधान सभा के द्वार 14 सितम्बर को स्वीकार किया गया था। भारत के राष्ट्रीय कार्य अब और अच्छी तरह से हिन्दी मे होने लगे है। यहां हिन्दी के अलावा क्षेत्रीये भाषा को भी जरजीह मिलती है। वही पर अंतर्राष्ट्रीय भाषा का दर्जा प्राप्त कर चुके अंग्रेजी भी अपनी पैठ लगातार बढ़ा रहा है। हिन्दी को इन भाषाओं से लगातार चुनौती मिलती रहती है। फिर भी हिन्दी अपनी गरीमा को बनाये रखने मे कामयाब हुुई है। हिन्दी ने अपने अंदर अनेक भाषाओं के समृद्ध शब्द को सामावेश किया है…
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स्वदेशी साक्षरता दिवस

स्वदेशी साक्षरता दिवस

Oplus_131072 स्वदेशी साक्षरता दिवस (Indigenous Literacy Day) स्वदेशी साक्षरता से मतलब अपने देश की शिक्षा व्यवस्था है। शिक्षा का संबंध जीवोकोपर्जन से होता है। जिवोकोपार्जन के लिए जरुरी शिक्षा काफी महत्वपुर्ण होता है। इसके बिना किसी भी कार्य को करना मुश्किल होता है। शिक्षा व्यक्ति के धारण क्षमता पर निर्भर करता है कि वह किस तरह की शिक्षा कितने समय तक ले सकता है। व्यक्ति के दिमाग को खास तरफ का ज्यादा झुकाव होता है जो उसको उस खास तरह की शिक्षा जल्दी और सुविधा के साथ ग्रहन करा सकता है। स्वदेशी की बात करते है तो यहां की आवोहवा…
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जगन्नाथ रथ यात्रा

जगन्नाथ रथ यात्रा

Oplus_131072 जगन्नाथ रथ यात्रा  रथ यात्रा हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाये जाने वाला प्रमुख उत्सव है। इस रथ पर भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा सवार होकर नगर भ्रमण करते हुए अपने मैसी के घर जाते है यानी गुडिचा मंदिर। श्रधालुओं की भीड़ रथ को खिचकर ले जाता है। आस्था और विश्वास के संगम का ये अदभुत प्रकटिकरण है। बर्षो से चली आ रही ये परंपरा लोगो मे रच बस गयी है। लोगो के इसके प्रेरणा से होने वाले लाभ भी दिखने लगे है। जिससे इसके प्रती लोगो का जन…
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Atmhatya ki prabriti

Atmhatya ki prabriti

Oplus_0 आत्महत्या की प्रवृति     आधुनिक समय मे जीवन की चुनौतियां बढ़ी है जिससे आगे बढ़ने के लिए लगातार सार्थक प्रयास की जरुरत होती है। पर इतना ही काफी नही है इसके अलावा भी उच्च कोटी के प्रयास की जरुरत होती है जिससे की प्रतियोगिता मे आगे निकल सके। सफलता के मानडंड को पुरा करने के लिए इस तरह के प्रयास को शुरु से ही ध्यान देना होता है जिससे की लक्ष्य को समय से साधा जा सके।    जीवन की इस आपधापी मे होने वाले तनाव को झेलने के लिए सामर्थवान होना जरुरी है। इसमे किसी भी प्रकार की कमी…
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Bali aur Sugriv

सुग्रीव बाली गृह स्थल रामायण कालीन समय की गाथा हमारे जनमानस मे बड़ा ही गहरा स्थान पा चुका है। हमारे रहन-सहन से लेकर हमारी पुजा-पाठ तक की बिचारधारा को इससे प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकता है। इसके वास्तविक होने के प्रमाण दिये जाते रहे है। यदि ऐसा सुनहरा जगह मिल जाय जिससे की इस कथानक के किरदार के बारे मे जानकारी हो तो मन मे उतावलापन तो देखने को मिलता ही है। ऐसे ही एक वाक्या बाली-सुग्रीव के बारे मे कही जाती है। बाली-सुग्रीव के रामायण कालीन समय के गृह स्थल को देखने का मौका मिला। पता चला की…
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जोगीरा9

होली के जोगीरा को दर्शाता यह काव्य लेख अनोखा है। होली के जोगीरा2 होली के जोगीरा3 होली के जोगीरा4 होली के जोगीरा5 होली के जोगीरा6 होली के जोगीरा7 होली के जोगीरा8 होली के जोगीरा9
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