व्यवहार

राष्ट्रीय पुत्र और पुत्री दिवस

राष्ट्रीय पुत्र और पुत्री दिवस

Oplus_0 राष्ट्रीय पुत्र और पुत्री दिवस (National Day Son and Daughter) मात-पिता और बच्चों के बीच विशेष रिस्ते, प्रेम और जुड़ाव को सम्मान करने के लिए इस दिन को विशेष बनाया गया है। बच्चो से साथ प्यार जताना और गुणवत्तापुर्ण समय बिताने से बच्चो के संस्कार मे उत्तरोत्तर विकाश होता है। उनके दिमाग के खालीपन को एक विचार शक्ति मिलती है और वो कार्य के प्रति उन्नमुख  हो जाते है। बच्चो के अपने दोस्त उसके अपने विचार के होते है जिसको भी एक सही कार्य के लिए मार्गदर्शन की जरुरत होती है। यह कार्य माता-पिता से अच्छा और कौन कर…
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अंतर्राष्ट्रीय सदगी दिवस

अंतर्राष्ट्रीय सदगी दिवस

Oplus_131072 अंतर्राष्ट्रीय सदगी दिवस, (International Day of Simplicity)   सादा जीवन उच्च विचार से व्यक्ति शांतचित व्यवहार के साथ सभी से घुलमिलकर रह सकता है। ईर्ष्या, द्वेष जैसी भावना का विस्तार यहां नही होता है। जहां रहन-सहन में ज्याद अंतर होता है वहां एक दुरीया स्वभाविक वृति से बनने लगती है। इसके बाद विचार मे भी बदलाव दिखने लगता है। जिससे धिरे-धिरे व्यक्ति एकाकी हो जाता है। इसके बाद यह व्यवस्था एक दुसरे से होते हुए विस्तारीत होने लगती है जिससे वहां के आसपास के माहौल मे परिवर्तन हो जाता है। व्यक्ति को ये पता ही नही चलता है कि…
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विश्व बृद्ध दुर्व्यवहार जागरुकता दिवस

विश्व बृद्ध दुर्व्यवहार जागरुकता दिवस

Oplus_131072 विश्व बृद्ध दुर्व्यवहार जागरुकता दिवस बढ़ती बैश्विक गतिविधी के बीच परिवार छोटे-छोटे टुकड़ो मे बटने लगा है। इसका कारण आय का असमान वितरण है। आय के इस व्यवस्था से असंतोष की भावना पैदा होती है। यही असंतोष आपसी विवाद का कारण बनता है और परिवारीक बिखराव के रुप मे सामने आता है। व्यापार की बढ़ती प्रतिस्वर्धा के कारण लोगो का एक स्थान से दुसरे स्थान तक प्रवास करना तथा सिमित जगह मे रहना भी एक परेशानी का कारण बन रहा है। इसी आपाधापी के बीच बड़े बुजुर्ग की परेशानी बढ़ने लगी है। उसके रहन-सहन, खान-पान पर पहले के समय…
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दस्तक

दस्तक

दस्तक व्यस्तता के बिच आपके अधिकतम व्यवस्था के साथ जागृत भाव प्रकट करते हुए आपको व्यवहार करना होता है जिससे ततक्षण आये अतिथि का पुरा सम्मान हो सके। आपको उसके माल्यांकण का समय नही होता है आपकी अपनी समस्या से सामने वाले के कार्य व्यवहार के साथ अधिकतम निष्ठा रखनी होती है। जिससे की आपसी सबंध को एक उँचाई मिल सके।         स्वार्थवादी समाजिक व्यवस्था के बिच लोग आगे बढ़ने के लिए कई तरह के प्रयोजन का स्तेमाल अपने क्षमता के हिसाव से करते है। इसमे संभावना का अधिकतम इस्तेमाल करते हुए आगे निकलने की प्रेरित लोग बड़े ही तीखा…
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अपनो के प्रीत

अपनो के प्रीत

अपनो के प्रीत अपनो के प्रीत बहुत गहरा होता है। जब हम कुछ दिन तक साथ रहते है तो एक दुसरे के साथ व्यवहार के साझा आदान प्रदान से अवगत हो जाते है। इसके साथ ही हम एक दुसरे के और करीव आने की कोशीश करते है कि सामने वाला उत्तम व्यवहार करेगा जिससे की आपसी रिस्तो को एक नई उचाई मिलेगी। इसके साथ ही विकाश तथा विश्वास की एक नयी उड़ान को पाया जा सकेग। इस तरह के सोच मानव के स्वभाव का हिस्सा होता है। लेकिन स्वार्थ परक व्यक्ति बड़ा ही जटील होता है। वह अपना आंतरिक प्राकृति…
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