
विश्व ओजोन दिवस (World Ozone Day)
ओजोन परत पृथ्वी को पाराबैगनी किरणों से रक्षा करती है। यह पृथ्वी के बाहर से आ रही घातक किरणों से पृथ्वी पर पाये जाने वाले जीवन को सुरक्षा प्रदान करती है। ओजोन परते के द्वारा इन किरणों को अवशोषित कर लिया जाता है। अब तक ज्ञात जानकारी के हिसाव से पृथ्वी ही एक ऐसा ग्रह है जहां पर जीवन तंत्र उपस्थित है। यहां की शुषमा जैसी विशेषता किसी भी अन्य ग्रह पर नही मिलती है।
जीवन से संवंध मे मानव की उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। खोजो की प्रक्रिया लागातर जारी है फिर भी अभी तक कोई दुसरा जीवन वाला ग्रह नही मिला है। इस ग्रह पर ओजोन की भूमिका महत्वपुर्ण है। ओजन परत की नुकसान के जिम्मेदार पदार्थो को दुर करने के लिए लगातार प्रयास चलते रहते है। फिर भी इसपर पुरी तरह से नियंत्रण नही पाया जा सका है। इसको नुकसान पहुँचाने वाले पदार्थो को नियंत्रित करने के लिए मॉन्ट्रीयल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किये गय थे जिससे की इसकी सुरक्षा को बारियता के साथ मजबुत किया जा सके।
बढ़ती बैश्वीक समस्या जिम्मेदारी को और बढ़ा देती है। इसके लिए एक दृढ़ विश्वास की आज भी आवश्यकता है जिससे की कार्य को लगातार बल मिलता रहे। विश्व की बढ़ती जनसंख्या समस्या भी एक समस्या है जिसके नियंत्रण की जरुरत है। जिससे की मानव की सुरक्षा पर ध्यान केन्द्रित किया जा सके। मानव समाज की सुरक्षा की बैश्विक जिम्मेदारी को प्रमुखता के साथ कार्य करने की जरुरत है।
ओजोन परत की मोटाई डॉबसन स्पेक्ट्रोमीटर से नापी जाती है। इसकी मोटाई 300 से 500 डॉबसन होती है। समान्य ताप एवं दवाव पर एक डॉबसन इकाई का मतबल है 0.01 मिलीमीटर ओजोन परत। ओजोन परत की खोज 1913 में चर्ल्स फैब्री और हेनरी बुइसन ने की थी। ओजोन परत की नुकसान पहुँचाने वाले मानव निर्मित क्षयकारी पदार्थ को ODS कहा जाता है। इसमें प्रमुख है क्लोरोफ्लोरोकार्बन, हाईड्रोक्लोरोफ्लोरोकार्बन, हैलोन्स।
रेफ्रीजेरेटर, एयर कंडीशनर और एरोसॉल स्प्रे से निकलने वाले क्लोरोफ्लोरोकार्बन वायुमंडल के उपरी परत पर पहुँचकर क्लोरीन छोड़ता है जो ओजोन को हानि पहुँचाता है। अग्नीशामक य़ंत्रों मे इस्तेमाल होने वाले ह़ॉलोन्स में ब्रोमीन गैस घातक होती है जो ओजोन पर को नुकसान पहुँचाती है।
16 सितंम्बर का दिन को इसी व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए खास बनाया गया है। जिससे की मानव समाज की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके। आज के इस जनजागरण अभियान को समाज के हर वर्ग के लोगो तक पहुँचाना जरुरी है जिससे की उच्च विचार वाले समाज के साथ आने वाले लोगो के लिए भी अनुकूल माहौल बना रहे।
लेखक एवं प्रेषकः अमर नाथ साहु
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