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Jun
Oplus_0 विश्व बाल श्रम निषेध दिवस बालापन बड़ा ही भोलाभाला होता है। इस दौर मे देखकर सीखने की प्रक्रिया की प्रवलता रहती है। हर बस्तु के प्रति अपना एक दृष्टिकोण बनाने की नीव परती है। इसी आपाधापी के बीच बढ़ता जीवन बहुत कुछ सीखता है। इसीसे जुड़ी एक दास्तान की कहानी की चर्चा यहां की जा रही है। जीवन से जुड़ी हर बात को समझने और उसपर अपनी प्रतिक्रिया देने की कला सीखनी होती है। बच्चो का प्राथमिक पाठशाला घर को ही माना जाता है। इसके बाद बच्चों विद्यालय की ओर आगे बढ़ते है। बच्चो के मानसिक विकाश की…