Bhakti

चौथी सावन सोमवारी

चौथी सावन सोमवारी

सावन की चौथी सोमवारी भगवान शिव को पुष्प अर्पित करते हुए मन मे जो उत्कृष्ट भाव बनता है, उस भाव को दर्शाता यह कविता हमें साधना तथा शक्ति के मार्ग को सशक्त करता है। भाव ही भगवत्व प्राप्ति का उत्तम स्त्रोत है। इसलिए भाव प्रधान यह पुजा आज पुष्प की प्रधानता को दर्शाता है। पुष्प एक बस्तु मात्र है, लेकिन इसके प्रति जो भाव मन मे बनता है, इसी से इसकी प्रधानता भक्तो के लिए अधिक है। भाव के कारण ही भगवान भक्त के करीव होते है। एक सशक्त भाव का साधक होना बहुत जरुरी है। यह भाव अनादि भी…
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आरती लक्ष्मी जी की

आरती लक्ष्मी जी की

आरती लक्ष्मी जी की लक्ष्मी माता की नवीन आरती हमें जीवन की गहराई मे जाकर जीवन के अती महत्वपुर्ण प्रसंग को उधृत करते हुए एक भाव पुर्ण आवाह्न को व्यक्त करता है। माता का साक्षात प्रकटीकरण के भाव के साथ आरती का गायन हमारे मन को तरेंगित करते हुए हमे एक लक्ष्य की आगे बढ्ने का प्रेरणा देता है। कहा जाता है कि सारे कार्यो का मूल भाव धन ही है जिससे के सारे सुखो को पाया जा सकता है, लेकिन यह पुर्ण सत्य नही जान पड़ता है। पुर्ण सत्य तो व्यक्ति का गुणात्मक मान होता है जिसका मुल्यांकन कर…
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