Month: November 2025

Bewildered

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किंकर्तव्यविमुढ़ता Oplus_0 लक्ष्य को साधित करने के बाद उसको पाने के लिए किये जा रहे प्रयास मे जब वाधा उत्पन्न होती है तो व्यक्ति सामाधान ढ़ुढ़ता है। यही पर किंकर्तव्यविमुढ़ता की स्थिती आती है। व्यक्ति के अंदर समाधान के लिए गुण की कमी, संसाधन की कमी या व्यवस्था की कमी जैसी अनेको समस्या आ खड़ी होती है। वह ऐसे चौराहे पर खड़ा होता है जहां से अनेको रास्ते निकलते है सभी रास्ते मे कुछ कमी और कुछ सही नजर आता है।   यहां पर व्यक्ति को अपने सोच, कार्य करने की क्षमता तथा उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार उपयुक्त जानकारी को…
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new rose

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Oplus_0 ताजा गुलाब प्रकृति की सुषमा मे कई रत्न ज़ड़े परे है हमारी समझ जहां तक जाती है हम खुद को धन्य समझते है कि हमने अपनी जीवन की एक अनोखी यात्रा पुरी कर ली। जीवन के आदी और अंत का कोई आता पता नही है लेकिन जीवन के प्रवाह सतत जारी है। अध्यात्म ये कहता है कि जीवन का आना जाना लगा रहता है प्राणी को अपने उतकृष्ट कर्म करने चाहिए जिससे की उसके द्वार किया गया सतकर्म मानव समाज के लिए एक प्रेरण स्त्रोत बने।  प्राकृतिक रत्नो को जब ज्ञान प्रकाश से देखा जाता है तो उसकी वास्तविक…
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Bihar election 2025

Bihar election 2025

Oplus_131072 बिहार चुनाव 2025 बिहार चुनाव 2025 कई मायने मे खास रहा। चुनाव के नतीजे ने सभी को चौका दिया। जनता का अचानक बदला हुआ बिचार किसी को समझ नही आया। एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नही आया जवकि एक गठवंधन को बहुमत प्राप्त हुआ है। बिहार की वर्तमान राजनिति मे कोई भी ऐसा पार्टी नही है जो अपने दम पर पुर्ण बहुमत का दावा कर सकती है। बिहार मे इसके कई कारण है। इन्ही कारणो के कारण आज एक तरह के विचारधारा वाले लोग एक समुह बनाकर चुनाव की पटकथा लिखते है।    बिहार चुनाव की ये स्थिति विगत…
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