अंतर्राष्ट्रीय आवश्यक तेल दिवस (International Essential Oils Day)
तेल का प्रयोग कई रुपो मे किया जाता है। आजकल प्रमुक तेल मे डीजल और पेट्रोल आती है जिसका प्रयोग बाहन चलाने के लिए किया जाता है। आजकल के भागमभग भरी जीन्दगी मे लोगों को आपनी जरुरत पुरी करने के लिए बाहन की जरुरत होती है। इसके लिए उन्हे तेल की जरुरत होती है। लेकिन ये तेल तरल रुप मे घरती से निकाला जाता है जिसको की शुद्ध करके उपयोग मे लाया जता है। इसके साधन सिमित है जिससे की आने वाले समय मे इसकी कमी का सामना करना पर सकता है। इसको बचाने के लिए दुसरे उपाय किये जा रहे है।
वर्तमान समय मे तेल के दुसरे विकल्प को तलाशा जा रहा है। इसमे जो तेल इस्तमाल किया जाता है उसका स्त्रोत खादान्न है। यह हमे पेड़ पैधो से प्राप्त होता है इसके कारण इसकी निरंतरता बनी रहेगी जिसपर जोर दिया जा रहा है। इस तेल मे नारीयल तेल, सरसों तेल, लेबेन्डर आयल आदि आते है। इस तरह के उत्पाद को बढावा देने के लिए ही इस आज के दिन को खास रखा गया है। लोगो को जागरुक करने के लिए की वे तेलहन का उत्पादन अधिक करे जिससे की इस तरफ लोगो का ध्यान जाये और यह तेल एक उच्च गुणवत्ता वाला तेल के रुप मे स्थापित हो जो सिमित स्त्रोत बाले तेल का स्थान लें।
आज के इस दिन को खास तरह से लोगो को जगरुक करके लिए ही बनाया गया है जिससे की निकट भविश्य मे आने वाली समस्या का निदान किया जा सके।
लेखक एवं प्रेषकः अमर नाथ साहु
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