विश्व हाथी दिवस
हाथीयों की सुरक्षा, उसके संरक्षण और प्राकृतिक आवास को बचना के लिए प्रयास करने की जरुरत है। इनका अवैध शिकार रोकना, हाथियों के बीच टकराव को कम करना जरुरी है। भारत मे दुनिया के करीव 60% जंगली एशियाई हाथी पाये जाते है। बैदिक और संस्कृत भाषा मे इसे इव कहा जाता है। ऋगवेद बेद में इसे हस्ती और गज भी कहा गया है। विज्ञान मे इसे मोएरिथेरियम (Moeritherium) कहा जाता है। प्रचीन ग्रंथ मे कही कही इसे कुंजर भी कहा जाता है।
प्रोजेक्ट हाथी की शुरुआत फरवरी 1992 में प्राकृतिक और वन मंत्रालय के द्वारा एक क्रेन्द्र प्रयोजित योजना के रुप मे की गई थी। इसका मुख्य उदेश्य जंगली हाथी के संरक्षण, उनके प्राकृतिक अवास और गिलियारों या कैरियोडोर का विकास करना था। हाथी शक्ति, बुद्धी, सौभाग्य, धौर्य और समृद्धी का प्रतिक है। घर और ऑफिस मे हाथी की मुर्ती रखना सकारात्मक उर्जा, स्थिरता और सफलता सूचक है।
हाथी के संरक्षक स्थल में कुल 33 हाथी रिजर्व है।