
नेशनल बी समबन डे (National Be Someone Day)
बड़े व्यस्क की जिम्मेदारी तय करने और समाज को उच्च कोटी की व्यवस्था को बनाने के लिए जिम्मेदारी तय करने के लिए इसको मनाया जाता है। बड़े व्यस्क की जिम्मेदारी को यदी कहीं कोई अव्यवारिक कार्य हो रहा है तो इसके लिए लोगो को जागरुक करे जिससे की एक कल्याणकारी समाज का निर्माण हो। विशेषकर दवे कुचले लोग इसका शिकार हो जाते है। कम मजदुरी देकर इनका शोषन किया जाता है। ये खुद को असहाय समझते है यही पर यदी कोई इनका सहारा बनता है तो कहा जाता है वी समवन यानी कोई है। यही जो कोई है समाज की उन्नती के लिए जिम्मेदार है।
ये कोई कौन हो सकता है इसके लिए एक खास दिन 21 जुलाई को चुना गया है जिससे की इस विषय पर विचार किया जाय की कोई है से सबकोई है की बात चरितार्थ हो। एक एक एग्यारह की बात कही जाने के लिए ये दिवस प्रेरित है। इसी प्रेरणा से समाज के उच्च विचार के साथ कार्य को करने और आगे बढ़ने की सीख मिलेगी। अपनी खुद की जिम्मेदारी तय करने के लिए एक खास दिन को चर्चा का विषय बनता है। यही चर्चा समाज के चिंतन का विषय बनता है। यही विषय समाज को सतर्क होने के लिए मनोयोग बनाता है जो उच्च समाज के निर्माण मे अहम भूमिका निभाता है।
लोग इस खास दिन के लिए समाज के बच्चे जिसको आगे बढने की सपने भी धुमील हो गये है। उसको समझाने और नयी राह दिखाने के लिए बड़े को जिम्मेदारी तय करने के लिए प्ररित करता है। छोटे बच्चे को कम मजदुरी पर रखकर ज्यादा कार्य करवाने की मानसिकता को तोड़ने के लिए समाजिक अभियान को करने की प्रेरणा देता है। एक प्रेरक समाज चहुमुखी विकास का गाथा को बनाकर एक आदर्श पेश कर सकता है। हम आशा करते है कि इस तरह के समस्या के प्रति लोग सेवंदनशाल रहेगें और कार्य आसान करेंगें।
लेखक एवं प्रेषकः अमर नाथ साहु
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