भगवान

देवी देवता

देवी देवता परिचयः- देवी-देवता का स्थान भारतीये समाज मे बहुत गहरा है। लोगो के भावनाओ के साथ इसका गहरा संबंध है। सामाजिक स्तर पर एक पुरा ढ़ाचा का बिकास हो गया है। इसमे लोगो की भावना कुट - कुट कर भरी हुई है। जिस समस्या का समाधान हम आसानी से खोज लेते है, अर्थात जो हमारी पहुँच के दायरे मे है, वहां तक हम अपनी बात को यथार्थ के रुप मे मानते है। वैसे समस्या जिसका समाधान हमारी पहुँच के बाहर है और हम उसका हल अपने अनुसार चाहते है वहाँ देवी-देवता का स्थान आता है। लोग इसे आस्था का…
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चौथी सावन सोमवारी

चौथी सावन सोमवारी

सावन की चौथी सोमवारी भगवान शिव को पुष्प अर्पित करते हुए मन मे जो उत्कृष्ट भाव बनता है, उस भाव को दर्शाता यह कविता हमें साधना तथा भक्ति के मार्ग को सशक्त करता है। भाव ही भगवत्व प्राप्ति का उत्तम स्त्रोत है। इसलिए भाव प्रधान यह पुजा आज पुष्प की प्रधानता को दर्शाता है। पुष्प एक वस्तु मात्र है, लेकिन इसके प्रति जो भाव मन मे बनता है, इसी से इसकी प्रधानता को उत्तम मानते है। भाव के कारण ही भगवान भक्त के करीव होते है। एक सशक्त भाव का साधक होना बहुत जरुरी है। यह भाव अनादि भी होता…
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