भुमी

माँ दुर्गा और युद्ध भूमी

माँ दुर्गा और युद्ध भूमी

मां दुर्गा के युद्ध भुमी सामाजिक न्यायिक जीवन निर्वाह के लिए उसके ताना-बाना को समझना होता है तथा उसके अनुरुप अपने को ढ़ालकर कार्य करने की कला विकसित करनी होती है। सामाज मे एक साथ कई घटना घटित होती है। सभी घटना को समझना तथा उसके अनुरुप चलना कठिन कार्य है। हमें अपनी कोई एक दिशा तय करनी होती है, जिसके सहारे हम आगे बढ़ते है। यही दिशा हमारे जीवन को एक अर्थ देता है। यह दिशा कौन हो, इसका सही प्रारुप क्या हो, इस बात को समझने के लिए हम समाज मे घटित होने वाले घटना को विश्लेषित करते…
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