27
Jan
मामा जी की 45 वॉ एनिवर्षरी एनिवर्शरी को मनाने का सामान्य प्रचलन भारत मे नही है। फिर भी समय के साथ लोगो को इसमे दिलचस्पी बढ़ती जा रही है। तनाव भरी जीवन के आजकल के इस दौर मे लोगो को कुछ समय मिल जाता है जब लोग सब कुछ भुलाकर अपनी एक नयी ढं मे रंग भर लेते है। खुशीयोँ को ताजा करने का यह चलन स्वभाविक रुप से बड़ा आनन्दायक समय होता है। छनभंगुर जीवन के एक-एक वर्ष की खुशीयाों का सौगात अपनो के साथ बांटनाा एक अलग ही सुखद एहसास देता है। आगे बढ़ते जीवन की नइया…