जीत की समझ

जीत की समझ

जीतने वाले को अपनी कमजोरी पता होनी चाहिए जिससे की यह सुनिश्चित हुआ जाय की जीत के लिए किस गुण को निखारने की जरुरत है । समान्यतया लोग स्वार्थ और सामर्थ मे रहकर चाहत की ओर से अपनी प्रतिक्रिया दे देते है जो पुरा नही होने पर दुख का कारण बनता है और निराशा हाथ लगता है। जो कुछ अनुभवी होते है वह जीवन यापन को आधार बनाकर चलते है और अपनी प्रतिक्रिया यही से दे देते है। लेकिन जीत की चाहत रखने वाले पुरी प्रक्रिया को बारीकी से आध्ययन करने के बाद अपने कमजोरी की तैयारी के साथ अपनी प्रतिक्रिया देते है और सफल होते है। उनका आत्मविश्वास दृढ़ होता है जो समय के साथ मजबुत होते जाता है। क्योकि जीत उसके विश्वास को बल प्रदान करता है।

जीवन बिभिन्न आयामों से होता हुआ जब एक मुकाम पर पहुँचता है तो खुशी होती है यह खुशी किसी को देर से तो किसी को समय से मिलती है। बस इसमे हमारे देखने के नजरीये का फर्क होता है। इसके गुण कुछ लोग जन्मजात प्राप्त कर लेते है तो कुछ को परिस्थिती सिखाती है तो कुछ अपनी प्रखर बुद्धी के जरीये इसे प्राप्त कर लेते है। स्वयं का मुल्यांकन करना और समय के साथ आगे बढ़ने के लिए स्वयं को नियोजित करना होता है। स्वयं के लिए स्वीकार करना और अस्वीकार करने योग्य विषय को खुद चुनना परता है। इस तरह उनका मार्ग जीत के तरफ दिखाई देने लगता है। आपको इसके लिए गुणग्राही बनने की जरुरत है।

जिन्दगी एक अबुझ पहेली है। इसको जीतने के लिए हमारी कोशिश लगातार चलती रहती है। हमारे सिखने की प्रक्रिया से हम बहुत कुछ हल कर लेते है लेकिन अनुभव तो एक अवस्था के बाद ही आती है। जीत से अनुभव या अनुभव से जीत दोनो को मे जीत की अनुभव को लोग बड़े चाव से सुनते है क्योकि उसमे उस व्यक्ति की जुझारुपन जुड़ा रहता है। जीत की खुशी भी अनोखी होती है। यह हमारे शरीर मे रौनक बढ़ा देती है जो सबलता प्रदान करता है।

आजकल प्यार के अंधे दौर मे सामिल होकर लोग जीवन के कई प्रकार के अनजान जोखिम मे चले जाते है। जिससे लोग जीतकर भी हारा हुआ महसुस करते है। इसका मुख्य कारण हमारा विश्वास होता है जो हमारी आंतरिक हलचल का हिस्सा होता है। समय के साथ व्राह्य वातावरण के कई कारक हमे प्रभावित करते है जिससे हम पहले अनजान थे। अब हमे जब इसका सामना करना परता है तबतक देर हो जाती है। इससे बचने के लिए हमे विवेकी होने की जरुरत है।

जीत के लिए जुझारुपन को अपनाते हुए जीवन के कठीन दौर को पार करे और खुशी के साथ जीवन के सफर को यादगार बनावे। खुद को समझे और दुसरे के प्रेरणास्त्रोत बने।

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By sneha

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