अंतर्राष्ट्रीय काराओके दिवस

अंतर्राष्ट्रीय काराओके दिवस

संगीत प्रेमियो द्वारा मनाये जाने वाला यह एक अनोखा दिवस है। इस दिवस की शुरुआत काराओके और गायन से मिलने वाली मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए किया गया था। आजकल के भागमभाग भरी जिन्दगी में तनाव एक बड़ी समस्या है। तनाव समस्या का वांक्षित हल नही मिलने से होता है। वांक्षित हल मिलने के जितने भी मानडंड है वो यदी पुरे नही हुए तो भी लोग चाहते है कि उसका फल वही मिले जो वो चाहता है क्योकि वो अपने को सबलता के शिखर पर आंकता है। यहां पर दिमाग को शांतचित करते हुए निर्णय लेने होते है। फिर आती है अपनी पसंद की गाना सुनने का विचार जिससे तनाव कम हो जाता है। जब तनाव कम होता है तो सोच की दिशा बदल जाती है और समस्या का समान्य हल निकल जाता है।

संगीत को गाना, गुणगुनाना, सुनना जैसा व्यवहार से स्वास्थ्य लाभ मिलता है। व्यक्ति यदि खुद को समझने की कोशीश करता है तो तनाव के उपाय भी उसे मिल जाता है और उसका समाधान भी उसके पास होता है। लेकिन यदि वह जिद्दी हो जाए और अपने कार्य के प्रति दृढ़ हो जाए तो बात अगले स्तर पर चली जाती है। इस तरह के प्रेरक प्रसंग को जीवन मे उतारने के लिए सतत प्रयत्नशील रहने की जरुरत होती है। खुशमिजाजी लोग समय के साथ अपने को सही कर लेते है।

19 जुलाई का ये खास दिन गना गाने, धुन को बनाने, गुणगुने जैसे कार्य के लिए प्ररित करता है जिससे की उसके दिमाग की कार्य उर्जा बनी रहे और कार्य भी सही पुर्वक हो।

लेखक एवं प्रेषकः अमर नाथ साहु

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By sneha

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