नेशनल जंक फुड डे

राष्ट्रीय जंक फुड डे

जंक फुड में आमतौर पर कैलोरी, वसा, चीनी और नमक की मात्रा बहुत अधिक होती है। जबको पोषण न के बरावर होता है। यह दिन स्वाद और मौज मस्ती के लिए समर्पित है। लेकिन विषेशज्ञ संतुलित आहार बनाये रखने तथा इस तरह के चीज का कभी-कभार उपयोग करने की ही सलाह देतें है। जंक फुड में समोसा, पिज्जा, वर्गर, चिप्स और कोल्ड ड्रिंक सामिल है।

इस तरह के खाद्य पदार्थ को खाने से कैलोरी अधिक होने के कारण मोटापा का सिकायत हो सकता है। चीनी की अधिकता से टाईप -2 डाइवेटीज और इंसुलिन प्रतिरोध का खतरा हो सकता है। नमक की ज्यादा मात्रा से उच्च रक्त चाप (ब्लड प्रेशर) का खतरा रहता है। इसमे प्रीजर्वेटिव होने के कारण ये जरुरी विटामिन और मिनिरल नही दे पाता है जिससे कमजोरी और थकान महसुस होता है। इसमे मौजूद स्वाद और रसायन इसका लत लगा दते है जससे खाने प्रति लगाव बढ़ जाता है।

उपर्युक्त जानकारी के बावजुद ये खास दिन अपने पसंद के कुछ खास खाने के लिए स्वतंत्रता देता है। समान्यतया लोग एक निश्चत खाद्य पदार्थ के साथ लगातार चलते रहते है जिससे उसके बदलव की प्रक्रिया कम हो जाती है और मन भारी हो जाता है। कहां जाता है कि एक तरह के भोजन खा-खा के बोर हो चुके है। इसलिए ये दिन इस तरह के फुड खाने की स्वतंत्रता देता है। ये स्वतंत्रता बदलाव और विविधता के साथ उत्सुकता को बढ़ाता है जिससे मन की बृति को परिवर्धित होने का समय मिलता है।

मन को उदास और हतास और जीवन के आपाधापी से बाहर निकलकर कुछ खास तरह के विचार भाव के साथ समय विताने से चिड़चिड़पन की समस्या नही होती है। जीवन को विंदास की तरह जीते हुए कुछ नया कर जाने की प्रबृति मनोभाव को बदल देती है। वहीं जो इस तरह के खाने के लत लगा चुके है उनको इससे छुटकारा पान के लिए प्रेरित भी करता है।

खाने की स्वतंत्रता और स्वयं के अंदर की उत्सुकता को जगाते हुए कुछ नया करने की जजवा को बढ़ावा देता ये 21 जुलाई का दिन हमें उत्साहित और आनंदित रहने के लिए प्रेरित करता है।

लेखक एवं प्रेषकः अमर नाथ साहु

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By sneha

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