
विश्व पर्यटन दिवस (World Tourism day)
वैश्विक मंच पर हो रहे बदलाव के बीच लोगो को उत्सुकता काफी बढ गई है। जिसके कारण पर्यटन का नया दौर शुरु हुआ है। लोग एक स्थान से दुसरे स्थान तक की यात्रा करते है जिससे वहां की संस्कृतिक और आर्थिक विकास की झलक देखने को मिलती है। परिवेश के हिसाव से रहन सहन भेष भूषा आचार विचार मे बदलाव भी समझ आता है। जिससे जीवन के एक नयी परिदृष्य से रुबरु होने का मौका मिलता है।
परिस्थिती अनुकूलता को जन्म देती है। लोग समय और परिस्थिती के हिसाव से खुद को बदलते है जिससे की बेहतर अनुकूलन हो जिसमे की समस्या का समाधान आसानी से हो सके। पर्यटन के दौराण लोग साकारात्मक परिवर्तन सिखते भी जिससे उसके व्यवहार मे समय के साथ बदलाव देखने को मिलता है। मानव मन को कुछ नया दिखने, कुछ नया करने के लिए मन सदैव उत्सुक रहता है। पर्यटन इस व्यवस्था के लिए अच्छी समझ उपलब्ध कराता है।
अपनो से दुर जहां सब कुछ नया होता है। साथ जाने बाले के बीच आपसी लगाव बढ़ जाता है। जिससे की अपनो के बिच एक दुसरे को समझने मे मदद मिलती है। जीवन को करीव से समझने वाले के लिए ये एक सुखद और यादगार पल बन जाता है। आजकल पर्यटन एक अच्छा उद्योग का रुप ले लिया है। कई देश पर्यटन को बढावा देने के लिए कई तरह के छुट भी दे रहे है तो कई देश लोगो को सुविधा बढाने पर ध्यान दे रहे है। यह व्यवसाय का अच्छा और शुद्ध आमदनी का रास्ता भी है।
पर्यटन से उद्योग का गहरा रिस्ता है। पर्यटक लोग विशेष करके सैर सपाटा मौज मस्ती के लिए जाते है। इसलिए उनके रहने खाने पीने के लिए उनके अनुसार सारी सुविधा होना जरुरी होता है जिससे की वो अपनी भाषा शैली मे आराम से रह सके। पर्यटक का खास ख्याल भी रखना होता है जिससे की उसके लौटने पर यहां की आवोहवा का अपने यहां वो अच्छी से बर्णन कर सके।
इतिहास मे बहुत सारी ऐसी घटना है जो हमे पर्यटक से जानकारी मिलती है। समय के साथ बदलते परिदृष्य मे उनकी जानकारी जब वो अपने यहां पर्यटन का वर्णन करते है तो हमे मिल जाता है। जिससे उस समय के बारे हमे जानकारी मिल जाती है। संस्कृतिक अदला बदली भी इसमे देखने को मिलती है। 27 सितम्बर का खास दिन को लोगो को पर्यटन के बारे मे समझाने के लिए ही बनाया गया है। एक दुसरे को जानाकारी देने के साथ ही आपसी मेलभाव बनाने के लिए इस दिन को खास बनया गया है।
हमे आशा है कि तानव भरी आजकल के जीवन मे कुछ समय निकालकर अपने व्यवस्था के हिसाव से पर्यटक बने और जीवन के अनमोल पल का पुरा लुफ्ट उठायें। जनजागरण के इस अभियान को अपने के करीवी तक से साझा करे और अपनी लोकप्रियता मे नया आयाम जोड़े।
लेखक एवं प्रेषकः अमर नाथ साहु
संबंधित लेख को जरुर पढ़ेः
- विचित्र संगीत हमे कुछ हटकर सोचने तथा मन को एक नये विचार के तरफ खिचता है।
- विश्व मे नारी को समानता के दृष्टी से देखने पर खुद के अंदर सदभावना का विकाश होता है।
- यादो के पल को साझा करने का अच्छा मौका देता है फोटोग्राफी।
- बिना लाभ के कार्य को करने के लिए भी प्रेरित होना चाहिए जिससे तनाव कम होता है।