संग

भाभी के साथ रंग

भाभी के साथ रंग

भाभी के साथ रंग होली हिन्दुओ में आपसी भाईचारा को स्थापित होने के लिए मनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध पर्व है जिससे आपसी बिद्वेश को कम करने के लिए एक दूसरे को उत्सहित किया जाता है। इससे एक पौराणिक कथा भी जुड़ा हुआ है। जिसमे होलिका का अंत हो जाता है तथा प्रहलाद को जीवन दान मिलता है। व्यवहारिक रुप मे होली आपसी भेदभाव को मिटाने का माध्यम है। रिस्ते में प्रगाढ़ता को बनाता देवर भाभी के रिस्ते का नोक-झोक देखते ही बनाता है। इसी भाव को व्यक्त करता यह काव्य रचना हमको आजकल के सामाजिक नजरीया के खुलापन के…
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