समझ

जीत की समझ

जीत की समझ

जीत की समझ जीतने वाले को अपनी कमजोरी पता होनी चाहिए जिससे की यह सुनिश्चित हुआ जाय की जीत के लिए किस गुण को निखारने की जरुरत है । समान्यतया लोग स्वार्थ और सामर्थ मे रहकर चाहत की ओर से अपनी प्रतिक्रिया दे देते है जो पुरा नही होने पर दुख का कारण बनता है और निराशा हाथ लगता है। जो कुछ अनुभवी होते है वह जीवन यापन को आधार बनाकर चलते है और अपनी प्रतिक्रिया यही से दे देते है। लेकिन जीत की चाहत रखने वाले पुरी प्रक्रिया को बारीकी से आध्ययन करने के बाद अपने कमजोरी की तैयारी…
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अनोखी पहचान

अनोखी पहचान

अनोखी पहचान पहचान व्यक्ति का स्वभाविक गुण होता है। यदि व्यक्ति स्व मे लीन है तो उसकी पहचान अनोखी हो जाती है। उसके प्रती हमारी उत्सुकता बढ़ जाती है। उसके बारे मे जानने की हमारी जिज्ञासा तिव्र हो जाती है। हमारी खुशी कुछ जानने तथा सिखने के प्रति ढृढ़ हो जाती है। दुसरी तरफ वैसे लोग होते है जिसको समझना कठीन होता है वह वड़े ही कुटील स्वभाव के होते है। जिसके भाव को देखकर असमंजस की स्थिती रहती है यहां भी जानने की जिज्ञासा होती है पर सावधानी के लिए बरन कुछ सिखने के लिए नही। अनोखी पहचान मे…
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