फिदाईन हमला

फिदाईन हमला

फिदाईन हमला आधुनिक दुनिया मे जब हथियारों की होर लगी है। लोग हथियार के अलग अलग रुप तैयार कर रहे है, जिससे की अचुक निशाना लगाया जाय तथा सफलता को सुनिश्चित किया जा सके। रोज हो रहे अनुसंधान ने एक अलग ही कौतुहल पैदा कर दिया है। साथ ही इस आधुनिक हथियार से सुरक्षा की तैयारी भी कि जा रही है। लेकिन एक परम्परागत हथियार का इस्तेमाल सबको चौका देता है। यह है मानविय विश्वास से आधात यानी फिदाईन हमला। इस प्रक्रिया के तहत विश्वास की पुरी प्रणाली का गहन अध्ययन किया जाता है। तत पश्चात हमला करने वाले तथा…
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एटम बम 2022

एटम बम 2022

एटम बम 2022 तृतीय बिश्व युद्द के अंतिम दौर का समय चल रहा है। आपसी तनाव की बढ़ती दुरीया ने युद्द के कई मोर्चा खोल दिया है। तनाव तैयारी को जन्म देता है। तैयारी मौजुदा हालात के अनुरुप ही तय होता है। जब तैयारी का मानदण्ड पुरा होता है तो वातचीत की तल्खी बढ़ जाती है। इसके बाद आपसी नाप तौल का दौर चलता है। पुरी तरह से संतुष्ट हो जाने के बाद माहौल को अपने अनुकुल बनाने की प्रक्रिया चलती है साथ ही जरुरी उपाय भी करने शुरु हो जाता है। फिर प्रतिद्वन्दी की उलटी गिनती शुरु हो जाती…
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मन क्यो धबड़ाये

मन क्यो धबड़ाये

मन क्यो धबड़ाये मन बड़ा ही चंचल है, यह हमारे शरीर मे होने वाले आंशिक हलचल को भी परिलक्षित कर देता है। यह कुछ क्षण ही स्थिर रह सकता है, इसके बाद इसका बदलना हो सकता है। मन मे घबड़ाहट कई कारणो से होता है, लेकिन मुल आधार होता है, शरीर के नष्ट होने का भय यह एक ऐसा कारक है, जिसके हावी होते ही मन मे धबड़ाहट का दौर चलना शुरु हो जाता है। समय के साथ ही इसकी तिव्रता बढ़ती ही जाती है। मन की धबड़ाहट को शांत करने के लिए हमे बाहर की घटनाओं का बर्णन देखना…
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भक्त हनुमान

भक्त हनुमान

भक्त हनुमान भक्ति की परमानन्द को पाने वाले भक्त हनुमान को भक्त शिरोमणी भी की संज्ञा दी जाती है। भगवान की भक्ति की महीमा को गाने मे समस्त जीवो मे हनुमान का नाम सबसे ऊपर आता है। हनुमान जी ने अपने लिए भक्ति के सिवाय कुछ नही चाहा। यही गुणकारी भाव उनको समस्त जीवो से ऊपर ले गया। दिन दुखियो को मदद करना भारतीय बिचारधारा की धरोहर रही है। इसी धरोहर के भाव को जिवंत रुप हनुमान जी ने दिये जिसके कारण हम उन्हे भगवान की संज्ञा भी देते है। भक्त के रुप मे उनकी गाथा हम गाते है तो…
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रामनवमी

रामनवमी

रामनवमी भगवान राम का जन्म भारतीय समाज के मर्यादा को मिले उचाई के साथ एक सुखद राष्ट्र नायक के लिए याद किया जाता है। राजा राम मर्यादापुरुषोत्तम है। उन्होने जो समाज मे राष्ट्र के अवधारणा को लेकर जिस समाजिक मुल्य को स्थापित किया उसका मुल्यांकन आज भी किया जा रहा है। यह कार्य तव तक चलेगा जबतक की मानव स्वयं को सवलता प्राप्त न कर ले। राजा राम ने पृतिभक्ति को सर्वोत्तम माना जिसका निर्वाह उन्होने अंत तक किया। अपने भार्या के प्रति अपने जिम्मेदारी को भाव पुर्ण व्यवहार से सराहा। साथ ही राष्ट्र के भावना को उपर रखा। यदि…
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हिन्दी नव वर्ष

हिन्दी नव वर्ष

हिन्दी नव वर्ष भारत एक कृर्षी प्रधान देश है। यहां के वन उपवन से ही सुख और समृद्धी आता है। जिवन को उद्वेलित करने तथा नयापन का एहसास करने के लिए हमारी प्रकृति ही हमारा आधार है। कहा जाता है कि अन्न से आनन्द आता है। फसल के कटकर घर आने के बाद मन मे प्रसन्नता तो आता ही है वाग बगीचे भी प्रकृति के बदलते मौसम को स्वागत करते है। फलदायी बृक्ष मज्जर से लद जाता है। मधु की मादकता चलती है तो किटपतंग परागन के लिए मडड़ाने लगते है। प्राकृत अपने नियम को इसतरह सुचिबद्द किया है कि…
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सुशासन बाबू

सुशासन बाबू

राजनिति सामाजिक परिवर्तन का आईना होता है जिसमे हमे समाज की परिवर्तन की दिशा का ज्ञान होता है। गतिशिलता जीवन की धारा है जिससे हमारी आत्मा को शक्ति मिलती है वही पर स्थिरता हमारा स्वभाव है जिसमे शरीर को आनन्द मिलता है। इस दोनो भाव को समस्त रुप को एक साथ क्रियांवित होते हुए यहां हम देख सकते है। सुशासन की बात तब होती है जब समाज मे स्थिरता की स्थिति बिगड़ जाती है। इसके बिगड़ने का कारण हमारा स्वार्थ पुर्ण व्यहार होता है, जिससे समाज मे ध्रवीकरण को बल मिलता है। भाव पुर्ण बिरोध बिकाश को प्रदर्शित करती है…
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जोगीरा9

होली के जोगीरा को दर्शाता यह काव्य लेख अनोखा है। होली के जोगीरा2होली के जोगीरा3होली के जोगीरा4होली के जोगीरा5होली के जोगीरा6होली के जोगीरा7होली के जोगीरा8होली के जोगीरा9
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जोगीरा8

जोगीरा8

बुंद पानी भरे प्यार की गहराई को नही समझने वाले पती के प्रती यह व्यंग है। अपनी संतुष्टी को ही आधार मानकर आगे निकलने वाले पती के मनोभाव को दर्शाता यह जोगीरा व्यवहार मे वदलाव को कहता है। पती के कर्तव्य को मर्ग दर्शित करने पर कभी - कभी उसे गलत मन लिया जाता है। जिसके कारण नारी मन मशोर कर रह जाती है। उसका जीवन तनाव पुर्ण कट जाता है। कहा भी गया है की नारी को समझना कठीन है। यह जोगीरा पती को सावधान करते हुए कहा गया है कि आप अपने जीवन साथी के संतुष्ट रखने का…
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जोगीरा7

जोगीरा7

लम्बे मेरे बाल तन की व्यथा मन के उपर राज करने लगती है। इसको जवानी की अल्हरपर कहा जाता है। खोये - खोये से रहना। अपने बिचार को सही रखीये। अपने मन की भाव को शेयर करना चाहिए जिससे की सामने वाले को अपके प्रती व्यवहार उनका सही रहे। स्टाईल मे चुर नायिका को अपने आगे के वारे म ख्याल नही रहता है। इसलिए यह दुर्धटना घटती है। इस जोगीरा के जरीये यह कहा जाता है कि अनावश्यक रुप से मन को व्यथित करना सही नही है। अपने बिचार को सही तरह से रखकर जीवन को बिकाशोन्मुखी रखना चाहिए। नोटः-…
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