

यादो का नया साल
यादों का नया साल अनुभव जीवन प्रयंत चलने वाला महत्वकांक्षा का योग है। कुछ पल ऐसे होते है जिसे हम बार -बार याद करते है। हमारा सफर और अच्छा हो इसके लिए हम लगातार प्रयासरत रहते है। योदों का नया साल हमे पुराने बिते समय की एक रुप रेखा बनाता है तथा कुछ नया करने की प्रेरणा देता है। हमारे सामने हमारे विचार स्थल पर बीते दिनो की एक पुरा परिदृष्य होता है जिससे की हम समय के साथ ज्यादा समायोजन कर उर्जावान बन सके. हम अपने नजरीया मे बदलाव लाकर सही तरह से प्लान को अपडेट करें जिससे की हमारे जीवन मे उत्साह का उतरोत्तर विकाश हो।
जीवन के पहले प्रणय काल की उत्तम बेला को उसी रूप में धारण करना संभव नहीं है। बितते समय के साथ होने वाले संयोग वियोग को वर्ष में एक दिन समायोजित करते है, वह दिन होता है शादी का वर्षगाठ। यह दिन हमारे प्रायोगिक जीवन की रूपरेखा को सुनियोजित एवं ऊर्जावान करने का दिन होता है। बढ़ती जिम्मेदारी के साथ घटता जीवन और बढ़ते अनुभव को एकात्म कर यथेष्ठ बनाना होता है। आनंद का भी अपना एक गणित होता है, जो ये जान ले उसका जीवन गुणित होता रहता है। आपको सबका आशीर्वाद प्राप्त हो। आपका मंगल होता रहे।
हे मानव, तुम तो इस जीवित संसार का परम वैभवशाली युगपुरुष हो। तुम काल की गणना में न उलझो। तुम अपने श्रेष्ठ कर्म को करते जाओ। तुम्हे तुम्हारा आत्मबोध कालानुक्रम घटनाचक्र का आभाष करते जाएगा और तुम्हे सांकेतिक चेतना देते जाएगा। तुम अपने मन की दशा को परिस्थिति को समझने में लगाओ तथा उससे प्राप्त यथेष्ठ कार्य वल से कार्य सम्पादन कर आनंदित हो जाओ। तुम पाओगे तुम्हारा मन उत्साहित होकर हर विघ्न को पर करने की क्षमता रखता है। संयम एवं सेवा का भाव ही तुम्हे शक्तिमान बनाए रखेगा। ये संदेश जीव जगत में सतत संचालित होते रहता है। आइए इस संदेश को समझकर आगे की कार्योजना के साथ समृद्ध बने।
इस पावन बेला पर हम आपके बंधु बांधव सहित पूरे परिवार की मंगलकामना करते है। आपका मार्गदर्शन सबको प्राप्त हो ऐसा भाव सबमें हो। आप दीर्घायु हो, स्वस्थ रहे, नवाचार को अपनाए। हे प्रभु इनके जीवन में ये दिन बार बार आए। जय हिंद।
नोट: आप अपने उदगार को कामेंट बॉक्स में लिखें जिससे की लोग आपसे अनुग्रहित हो। जय हो।
लेखक एवं प्रेषकः अमर नाथ साहु
संबंधित लिंक पर जरूर क्लिक करे।
- मैरेज एनिवर्षरीज की खुशीयां जीवन को नवचार कर देती है।
- मोबाइल वाली दुल्हन की अनोखी गाथा को कहता ये काव्य लेख बदलते जीवन पद्धति को दर्शा रहा है।
- मामा जी की 45 वी एनीवर्षरीज उनके जीवन की समाजीक जीवन की उच्चता को दर्शाता है.।
- धुंधट की आरजू हमे जीवन मे आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।