24
Jan
गुरु पुर्णिमा गुरु मे गुरुत्व होता है। यह गुरुत्व ही उनकी खास बिशेषता की परियायक है। उनके साधना से जो लक्ष्य की प्राप्ती उनको होती है वह सदा ही अनुकरणिय होता है। जब हम गुरु की शरणगत होकर कार्य आरम्भ करते है तो गुरू का मार्गदर्शण हमे मिलता है। गुरु से निर्देशित हमारेजीवन का ओ मार्ग सुगम हो जाता है जो गुरु के निर्देश मे किया जाता है। इसके आगे के मार्ग की सुगमता हमारी कार्य अनुशासन हमे सीखाती है जिसमे हमे गुरु की साधना के अनुभव हमारी राह को आसान बना देता है। जीवन मे उदेश्य के…