Year: 2022

आरती छठी माई की

आरती छठी माई की

ठठी मईया की आरती ठठी मईया की आरती ठठी मईया की आरती छठ माई की आरती छठ मईया की आरती हमारी चेतना को जगाकर हमारे भाव को स्पष्ट रुप से चित्रण करती है। जिससे माता के साक्षात दर्शन का भान होता है। दिव्य रुप माता को अपने बिचार मे उतारना एक कठीन कार्य है। हमारे भाव की अभिव्यक्ति से एक आभा मंडल बनता है, जो हमारे चारो ओर एक बृत बनाकर हमे उर्जावान करता है। हमारे द्वारा उच्चारित शब्द हमे नियंत्रित करतें है। हमारी शब्दिक उच्च उर्जा शक्ति का जब शब्द से संचार होता है, तो दिव्य रुप माँ को…
Read More
आयुष की मधुबनी बहाली

आयुष की मधुबनी बहाली

मधुबनी सी एस द्वारा आयुष की बहाली करोना रोगी को नियंत्रन करने को लेकर निकाला गया था। जो करोना रोगी को कम होने के कारण रोक दिया गया। लेकिन खबर आयी की एम बी बी एस की बहाली ली गई है। बर्तमान समय मे समाज मे एक खास चिकित्सा के प्रति लोगो का झुकाव का कारण को देखते हुए सरकार कोई नई पहल नही करना चाहती है। राजनैतिक बिबसता का कारण विकाश मे बाधा का पहुँचना एक पुरानी प्रक्रिया है। इसके बाबजुद हमलोग इसके साथ जीने को आदी हो गये है।      यह कविता हमें इस व्यवस्था को समझने की…
Read More
आनन्द चतुर्दशी

आनन्द चतुर्दशी

आनन्द चतुर्दशी यह धागों का त्योहार है। इसमे भगवान बिष्णु की पुजा की जाती है। भगवान बिष्णु को प्रतिपालक कहा जाता है। वे जीवआत्मा के पुरे कर्म को नियंत्रित करते है। एक प्रभावी कर्म को करने के लिए एक प्रेरणा का होना होता है जिससे जीवन को सबलता मिलता है। जीव के जीवन का यह सबसे हमत्वपुर्ण काल जन्म से मृत्यु तक का समय होता है। इसा समय मे अपने कर्मो के द्वारा अपने आत्मा को एक शक्तिशाली, प्रभावी और उर्जवान योग प्राप्त करना होता है। इसी से भगवान विष्णु की पुजा की जाती है तथा संकल्प के रुप मे…
Read More
अमेरीका द्वारा अफगानीस्तान को छोडना

अमेरीका द्वारा अफगानीस्तान को छोडना

अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान को छोडना कर्म प्रधान यह संसार नाना प्राकर के कर्मो मे उलझा रहता है। बहुत सारी घटना एक साथ घटीत हो रही होती है। सबको समझकर उसका समायोजन करना संभव नही होता है। जहां संभावना बनती है, वहां भी ज्ञानी परुष यह कहकर घटना मे हस्ताक्षेप करने से इंकार कर देते है, कि घटना के घटक को अपने कर्मो का फल उसके अनुरुप प्राप्त हो। कभी-कभी हमारे द्वारा किया गया सही कार्य भी समान्य सोच मे नही आ पाता है और हमारी हमत्ता कम कर आंकी जाती है। इसी तरह के घटना का साक्षी बना है अफगानिस्तान।…
Read More
The third world war

The third world war

Third World War Situation is adverse due to economical unbalance in econocmical world. A persion is working in world market he know the present word sitution and try to handle them. if they do not handle they will try to handle. Here this situation rises to start unbalanced situation. Slow slowly situation is mishandle and start to contradiction. Ater contradictiom distance between then makes a far. Here war is started to handle and punished to handle. A very concious persion is only to maintain in that situation. But a egarious person misguide by ather and ruined all these assential assence…
Read More
अपनो के प्रीत

अपनो के प्रीत

अपनो के प्रीत अपनो के प्रीत बहुत गहरा होता है। जब हम कुछ दिन तक साथ रहते है तो एक दुसरे के साथ व्यवहार के साझा आदान प्रदान से अवगत हो जाते है। इसके साथ ही हम एक दुसरे के और करीव आने की कोशीश करते है कि सामने वाला उत्तम व्यवहार करेगा जिससे की आपसी रिस्तो को एक नई उचाई मिलेगी। इसके साथ ही विकाश तथा विश्वास की एक नयी उड़ान को पाया जा सकेग। इस तरह के सोच मानव के स्वभाव का हिस्सा होता है। लेकिन स्वार्थ परक व्यक्ति बड़ा ही जटील होता है। वह अपना आंतरिक प्राकृति…
Read More
अन्नदाता

अन्नदाता

अन्नदाता भोजन जीवन का आधार है जो हर प्रकार के जीव के लिेए एक जरुरी उपाय है। कृतिम और प्राकृतिक दोनो तरह के भोजन मानव समाज के लिए आजकल उपलब्ध है। पाकृतिक से प्राप्त भोजन के रुप मे मांसाहारी और शाकाहारी दोने तरह के भोजन मिलते है। मुख्य रुप से भोजन के रुप मे अन्न का वहुत बड़ा योगदान है। अन्न उत्पादन करने वालों को किसान कहा जाता है। किसान का ही मुख्य कार्य होता है अन्न का उत्पादन करना। इसके लिए उसे विशेषज्ञता प्राप्त होता है। किसान का पुरा जीवन ही कृर्षि पर आधारित होता है। इसलिए भारत को…
Read More
अखण्ड जाप

अखण्ड जाप

अखण्ड जाप   यूँ तो जाप करना हमेशा से लाभकारी रहा है, लेकिन समय के साथ बदलती समाजिक परिवेश ने एक कोलाहल का माहौल बना दिया है। हमारा अस्थिर मन एक समस्या का हल निकालता है, कि वह दुसरे समस्या में  उलझ जाता है। इसका बैधानिक कारण है, मन का स्वस्थ्य नहीं होना। हमारी चाहत तथा उसका समायोजन ही एक समस्या है। हम एक कार्य कर ही रहे है, कि दुसरे के प्रती हमारा ध्यानाकर्षण खिंच जाता है। हमारा नजरीया यहां भी बनने लगता है। इस तरह हम उलझते चले जाते है।           किसी एक कार्य में स्थिर रहना तथा…
Read More
रक्षा बन्धन

रक्षा बन्धन

रक्षा बन्धन मानव का मन बड़ा ही चंचल होता है। वह उत्पन्न परिस्थिती को स्वतः ही भाफ लेता है। परिस्थती के साथ होने वाले समायोजन के परिणाम का अनुमान भी लगा लेता है। व्यक्ति के गुण के अनुरुप उसका एक भाव भंगीमा परिलक्षित होता है, जिसका लगातार परिस्थिती के साथ समायोजन चलता रहता है। सक्रिय व्यक्ति का अनुभव उसे जगाता रहता है। निष्क्रिय व्यक्ति का अस्थिर मन कमजोर होता है, जो चतुर व्यक्ति के मकर जाल मे ऐसा उलझ जाता है, कि बिना बाहरी सहायता के वह बाहर निकल ही नही सकता है। इसी उलझन से बाहर निकलने के लिए…
Read More
Loving Daddy

Loving Daddy

Loving Daddy Normaly memory never dies which is a part of our life. A lot of moment that comes in life which focuses my mind to find him but they are in only memory. A running life has huge amount of event in which someone is highly energetic that still guide my thoughts that person was my Daddy. When i face highly complicated matter my Daddy's guiding word comes in my mind, make conscious at a time. My loving Daddy you will never go from my memory. Your dream still in my mind and work accordingly. Hope i will win…
Read More
error: Content is protected !!