अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस (International Day of Friendship)
दोस्ती सार्थक जीवन के लिए मूल्यवान उपलब्धि है। समान विचार, भाव और आचरण वाले एक दूसरे को करीब से जानते समझते हुए जीवन के मूल्यवान समय को बारीकी से परख करते हुए आगे बढ़ते है। एक दूसरे की अनुभव से कुछ नया करने की हिम्मत रखते है। विचार के आदान प्रदान से होने वाले लाभ को ज्यादा करीव से महसुस करते है। एक दुसरे के भाव को समझने मे काफी मदद होती है। दोस्ती को विकाश के लिए उत्तम माना गया है तब जब आपका विचार सार्थक हो।
विपरीत व्यवहार वाले की दोस्ती नहीं टिकती है क्योंकि उसका आधार ही मजबूत नहीं होता है। किसी खास मकसद से किया गया दोस्ती मकसद के पूरा होते ही आधार हीन होकर बंद हो जाता है। इस तरह के अवसरवादी दोस्ती से बचना चाहिए। ये दोस्त वक्त के साथ खुद को ज्यादा लाभकारी सावित करने की परी कोशीश करता है। परिस्थिती सो धिरा हुआ व्यक्ति कभी-कभी इसकाो ही वास्तविक मान लेता है और खुद के ठने जाने पर दोस्ती को ही कोसन लगता है। इसके लिए सावधानी की जरुरत होती है।
कहा जाता है कि एक अच्छा दोस्त मुश्किल से मिलता है। जिसे मिल जाता है उसकी आधी मुश्किल आसान हो जाती है। यहां भाव के मिलने और कार्य को समझने की एकरूपता देखी जाती है। हर मुश्किल को आसान करता जीवन मूल्य को स्थापित करता ये मजबूत बंधन स्वार्थ के विचार से मुक्ति के साथ लंबा चलता है।
दोस्ती लंबी चले, नए दोस्त बने और विकास की यात्रा को आगे बढ़े इसके लिए 30 जुलाई का दिन खास है। लोगो को प्रेरित कने के लिए जनजागरण जरूरी है जिससे की दिस्ती की मिशाल बने।
जय हिंद
लेखक एवं प्रेषक अमर नाथ साहू
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