


नया साल
संकल्प की प्रस्तावना और उसका अनुमोदन के साथ स्वयं को सशक्त करते हुए जब नये साल मे आगे बढ़ते है तो आकंक्षा बहुत ही परवान चढ़ती है। हमारे संकल्प को प्रभावित करने वाले सारे कारक को नियंत्रित करने के लिए हमारे पास एक सशक्त व्यवस्था भी होती है, जिसके साथ ही हमारा उत्साह बहुत ही उन्नत होता है। नये साल को सही से शुरुआत देने के लिए हमलोग स्वयं को उर्जावान बनाते है और यह उम्मीद रखते है कि सारे कार्य हमारे नियोजीत व्यवस्था के अनुरुप ही होगी। यदी ऐसा होता है तो हमारे लिए बित रहा साल बड़ा ही उमंगकारी होता है और साल के अंत होते-होते जिवनोपयोगी विचार एक लयवद्ध होकर हमारे मनोवल को सशक्त बनाता है। इससे हमारे जीवन मे सुचीता आती है और हम आगे नये उत्साह से साथ निकल परते है।
कार्य योजना अपने पुर्वानुमान के हिसाव से सही तरह से पुर्ण हो इसके लिए हमें अपने कार्य के प्रति निष्ठावान होना होगा जिससे की संचित उर्जा का सही इस्तेमाल करते हुए हम उत्साहित होते रहे और हमारी मनोबृति भी सही रहे। मनोभाव की स्थिरता बनाये रखने के लिए हमे सतत अपने – अपने व्यवहार और विचार मे स्थिर रहना होता है। परिस्थितियां बदलती है लेकिन उससे बाहर निकलने वाला ताकत हमारे आंतरिक बल से ही आता है जिसको समय के साथ समायोजित होने की जरुरत होती है। इसके लिए हमे उर्जावान बने रहने की जरुरत होती है। इस कार्य हेतू हमारे गुरुजन हमारे मार्गदर्शक बनकर हमे अपने लक्ष्य तक पहुँचने मे मदद करते है। गुरुजन के रुप मे हमे ऐसे व्यक्तित्व के सानिध्य मे रहना होता है जिसके बारे मे किन्तू परंतू जैसे शब्द का कोई स्थान न हो।
365 या 366 दिन के बाद आने वाला नया साल हमे फिर से संकल्पित होने के लिए प्रेरित करता है। फिर हमारी संकल्पना अपने पुराने अनुभव के अधार पर नवीकृत होकर एक सशक्त विचार को प्रतिपादित करती है जिससे हमारे आंतरिक बल मे उतरोत्तर विकाश होता है। इससे हमारी कार्य योजना भी परिस्कृत होकर एक उर्जावन रास्ते पर निकल परते है। अब हमारी कार्य संपादन की ताकत और हमारा विश्वास भी पहले से बढ़ता चला जाता है। कहा जाता है कि हर बड़ी संकल्पना को पुरी करने के लिए उसके छोटे-छोटे भाग को बड़ी ही ततपरता के साथ पुरा करना चाहिए। कार्य करते हुए कार्य आनंद भी बनी रहनी चाहीए क्योकि यही ओ पुजी है जो हमे उत्साहित करते रहता है।
हर आने वाली साल के साथ हमारी बढ़ती उम्र को अपने गुजरते समय के अनुकुल बदलते परिवेश से निजोजित होना होता है। यही निजोजन हमारे जिवनोउपयोगी ताकत के ऋजन मे सहायक होता है जिससे की मार्ग मे आने वाली हर परिस्थिती से बाहर निकल आते है और फिर अपने रास्ते पर निकल परते है। हर गुजरने वाला साल यदी हमारा उज्जवल हो तो हमारा पुरा जीवन ही उन्नत हो जायेगा जिससे की हमारे जीवन मे यश कृति के साथ स्वर्णिम भविश्य के निर्वाण की हमारी अवधारणा भी पुरी जो जायेगी। तो आइये इसके लिए आज से ही प्रयासरत हो जाये और अपने नये साल को पुरे हर्षो उल्लास के साथ मनाये और जीवन मे उन्नती के बीज वोये और खुशी मनाये।
नव वर्ष 2025 मंगलमय हो
नये साल मे आने वाला पर्व त्योहार पुनः हमें जगाता है, हम जिस भाव और व्यवस्था के साथ पिछले वर्ष मनाये थे उससे बेहतर करने की उम्मीद रखते है जिससे की हमारी उन्नती को उच्च स्थान मिले। जीनन जक्र मे सफलता का बड़ा ही योगदान है इसके लिए तैयारी करनी परती है तय किये गये समय मे हमे स्वयं को निर्माण करना होता है। इसके लिए नया साल नवीन उर्जा का संचार करते हुए हमे उत्साहित करता है। हमें अपनी गलती सुधारने का मौका भी मिलता है।
प्रकृति की अनुपम गाथा का नवाचार हमे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है जिसके लिए हम सतत प्रयत्नशिल रहते है। नया साल का चित्रण हमारी उज्जवल भविष्य की ओर देखने के नजरीये के साथ हमें उर्जावान बनाता है जिससे की हम स्वयं को व्यवस्थित करते हुए बेहतर कल का निर्माण करते है।
नव वर्ष 2026 मंगलमय हो।
यह वर्ष वैश्विक स्तर पर वड़ा ही उथल पथल लेकर आय़ा है। जीवन की नवीन चुनौती को विज्ञान जहां आसान बना रहा है वही उन्नत जीवन जीने के लिए नवीन चुनौती बनती भी जा रही है। इसी भाव को बनाये रखने के लिए आपसी संधर्ष की गाथा को समझता हुआ ये वर्ष हमे कुछ नया एहसास दे जायेगा। समाजिक परिवेश भी वहुत बदला है लोगो की आत्मनिर्भरता पहले से ज्यादा वढ़ी है इसके लिए लोग अब पहले से ज्यादा सतर्क है। ये साल खुशियो की नयी सौगात लेकर आये इसकी कामना हम करते है। उम्मीद पर खड़ा उतरने के लिए हमे आपने आप पर विश्वास करना होगा तथा और तेजी से विकाश के पथ पर आगे बढ़ना होगा।
नये साल की शुभकामना के साथ आप सबको नमस्कार
लेखक एवं प्रेषकः अमर नाथ साहु
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