नेशनल नॉनप्रोफिट डे

नशनल नॉनप्रोफिटेवल डे

इसका उदेश्य गैर-लाभकारी निगमो और संस्थाओं को लाभ पहुचाना है। यह क्षेत्र समाज मे खाध्य बैंक, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और कानुनी सहायता जैसे महत्वपुर्ण काम को समाज के निचले तबके के लोगो तक पहुंचाने का काम करता है। स्वयं सेवको और स्टाफ की कार्यो की सराहना करना जिससे उनका मनोबल उचां रहे और कार्य की गति बनी रहे। गैर लाभकारी सस्थाओं के प्रभाव और उसकी कहानियों को साझा करना जिससे उत्साह का माहौल बना रहे। इस संगठनो के दान या फंड जुटाने मे के लिए अभियान चलाना जिससे की इनकी आर्थिक परेशानी ना हो।

सरकार के द्वारा समय-समय पर समाज के उत्थान के लिए योजनाये बनाई जाती है और उसका प्रचार-प्रसार किया जाता है। कुछ लोग इस व्यवस्था से दुर रहते है और अपने कार्य मे लगे रहते है जिसके कारण वे इस लाभ से वंचित हो जाते है जिससे वास्तविक लाभार्थी तक लाभ नही पहुँचता है और सरकार का अभियान अधुरा रह जाता है। इसको आसान बनाने के लिए स्वयं सहायता समुह का सहारा लिया जाता है। ये स्वयं सहायता समुह अपने लिए एक व्यवस्था बनातें है जिसमे प्रत्येक व्यक्ति की भागिदारी तय होती है जिससे की कार्य करने मे सहुलिय हो और एक दुसरे की सहायता किया जा सके।

देश के अंदर इस तरह के फ्रेम वर्क को वहुत सराहा जाता है क्योकि इसके सहारे देश के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँच का बनाया जा सकता है। इसको प्रत्साहित करने तथा लोगो मे प्रचार प्रसार करने के लिए 17 अगस्त के दिन को चुना गया है जिससे की लोग अधिक से अधिक अपनी व्यवस्था सुदृढ़ कर सके। जहां ये व्यवस्था नही है वहां भी इस तरह की व्यवस्था को बनाया जाय और कार्य को सुगम बनाया जाय। इसमे लोग आपस मे चर्चा करते है जिसको जानकारी होती है वे दुसरे को जानकारी के सहयोग भी करते है तथा लाभार्थी को उसका समुचित लाभ पहुँचाते है।

इसको चलाने के लिए लोगो के समुह को एक सहायता की जरुरत होती है। इसके लिए भी ऐसे लोगो से सहयोग लेना होता है जो इस कार्य को करने के लिए एक खास तजुरबेकार हो। जिससे इस कार्य को करने मे आसानी हो। सामाज को जागरुक करने, इसको सरकारी योजनाओं की जानकारी देने, मुखर तथा प्रखर लोगो के प्रभाव से दबे कुचले लोगो को सहायता करने, समाजिक सहयोग से छोटे बडे कार्य करने, कोई धार्मिक अनुस्थान करने, संस्कृतिक विकास के लिए कार्यक्रम करने, खेलकुद प्रतियोगता करने, स्कुल नही जानेवाले को पढ़ाई की सहायता पहुंचाने जैसे कार्य आसानी से होते है।

इस लाभकारी संगठन को उत्साहित तथा प्रत्साहित करने के उदेश्य से ही 17 अगस्त के दिन को खास बनाया गया है। हमको चाहिए की इस तरह की संस्था से जुड़े और समाज के उत्थान के लिए अपना योगदान दें जिससे की देश की विकास की धारा बाधित ना हो और समाजिक एकता अखंडता बनी रहे।

लेखक एवं प्रेषकः अमर नाथ साहु

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By sneha

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