Poem

जुड़सीतल

जुड़सीतल

जुड़सीतल     बिहार के मिथिला मे प्रचलित जुड़सीतल पर्व बहुत पुराने समय से मनाया जाने वाला महत्वपुर्ण त्योहार है। ग्राम्य जीवन से जुड़े लोग मिट्टी को जुड़ाव को दर्शाते है। इस दिन एक दुसरे को गिली मिट्टी लगाते है और खुशी मानाते है। संयुक्त परिवार की चली आ रही परंपरा मे कुछ लोग ऐसे होते थे जो मिट्टी का कार्य से दुर रहते थे लेकिन पुरी गतिविधी मिट्टी से जुड़े कार्य की ही करते थे। इसलिए आपसी सौहार्दय को बनाने और समरसता लाने के लिए इस अनोखी परंपरा की शुरुआत की गई। ग्राम्य जीवन मे कृर्षि कार्य को करने वाले…
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महावीर जयंती

महावीर जयंती

महावीर जयंती   छठी सताब्दी ईसा पुर्व भगवान महावीर का जन्म हुआ था। इस समय छोटे-छोटे जनपद मे देश बटा हुआ था। इसी समय मगध जैसे गणराज्य का उदय हुआ। आपस मे समुदाय एक दुसरे से उलझे रहते थे। जिससे लोगो मे निराशा का वादल उमड़ने लगे थे। लोहा के व्यापक अपयोग के बाद एक बडे बदलाव की ओर लोग अग्रसर हो रहे थे। इसकी समय भगवान महावीर का आगमन हुआ। बिहार के बैशाली के निकट कुण्डलपुर ग्राम में चैत्र शुक्ल पक्ष त्र्योदशी तिथि को उनका जन्म हुआ था।   30 बर्ष की आयु मे भगबान महाबीर ने घर-बार छोड़कर…
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मजबूरी

मजबूरी

मजबूरी मजबूरी     जरुरत और व्यवस्था में समानजस्य नही होने से समस्या उतपन्न हो जाती है। यदि व्यवस्था को सही करने की हमारी कार्य क्षमता नहीं है या इसमें समय लग सकता है तो हम ततकाल अपनी जरुरत को पुरा करने के लिए जिस मार्ग का अनुसरण करते है और वो हमारी सोच मे नही है तो हम इसे मजबूरी की संज्ञा देते है। हम कार्य कर तो रहे है लेकिन मजबुरी में यानी इसम हमारी व्यवस्थित सोच जैसी उत्साह नही रहती है। इसके फलस्वरुप समय के साथ जो व्यवस्था बनती है उसमे हमारी आदत बन जाती है और हम…
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शहीद दिवस

शहीद दिवस

शहीद दिवस शौर्य और विरता की कहानी सुनकर मन उत्वेलित और उत्साहित हो जाता है। मन मे उत्पन्न होने वाला उदगार हमारे जीवन को अर्थपुर्ण बनाने के लिए हमें प्रेरित करता है। यह प्रेरणा हमे जीवन के उच्चता के भाव को सहजता से स्वीकारने के लिए हमे सहज बनाता है। यह सहजता ही हमें जीवन को परिभाषित करने मे हमारी मदद करता है। हमारा आत्मबल हमारी ताकत बनकर हमे आगे बढ़ने के लिए हमारा मार्गदर्शन करता है। सकारात्मक विचार की ओर बढ़ता हमारा कदम हमें मजबुत बनाता है। यही मजबुती राष्ट निर्माण मे अग्रणी भुमिका निभाता है।     शहीद दिवस…
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Marriage Anniversary

Marriage Anniversary

Oplus_131072 शादी की पहली सालगीरह गृहस्थाश्रम जीवन की शुरुआत शादी से ही होती है। परिवारीक जीवन के अनमोल मोती इसमे पिरोये रहते है। जीवन के हर विधा को यहां संयमित और नियंत्रित किया जाता है। कहा जाता है कि एक संपुर्ण जीवन जीने के लिए वैवाहिक जीवन जरुरी है। वैवाहिक जीवन एक वंधन होता है जिसकी चुनौतियो को साधते हुए एक कुशल जीवनयापन से जो समाजिक आदर्श स्थापित होता है उससे अधिक मुल्यावान किसी और को नही माना जाता है।    इस मुल्यावान जीवन के कई स्तम्भ है जिसको की सही तरह से समझते हुए जीवन मे आगे बढ़ना होता…
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new rose

new rose

Oplus_0 ताजा गुलाब प्रकृति की सुषमा मे कई रत्न ज़ड़े परे है हमारी समझ जहां तक जाती है हम खुद को धन्य समझते है कि हमने अपनी जीवन की एक अनोखी यात्रा पुरी कर ली। जीवन के आदी और अंत का कोई आता पता नही है लेकिन जीवन के प्रवाह सतत जारी है। अध्यात्म ये कहता है कि जीवन का आना जाना लगा रहता है प्राणी को अपने उतकृष्ट कर्म करने चाहिए जिससे की उसके द्वार किया गया सतकर्म मानव समाज के लिए एक प्रेरण स्त्रोत बने।  प्राकृतिक रत्नो को जब ज्ञान प्रकाश से देखा जाता है तो उसकी वास्तविक…
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भाव का प्रभाव

भाव का प्रभाव

Oplus_0 भाव का प्रभाव भाव का बड़ा ही गहरा प्रभाव होता है। हमारे शरीरिक व्यवहार को धीरे - धिरे यह बदल देता है। भाव हमारे मानसिक पटल पर जब आता है तो हमारी खुशी को यह संंचालित करने लगता है। जिससे हमारा झुकाव भी उसी तरह हो जाता है। झुकाव के बाद हमारी मनःस्थिति भी उस तरह की बन जाती है क्योकि हमे अपने भाव मे रहना अच्छा लगने लगता है। भाव का संचालन हमारी शरीरिक विशेषता के कारण होता है। इस तरह हम स्वभाविक बृति के साथ रहते हुए एक खास तरह के गुण के धनी हो जाते है…
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तेरे द्वारे

तेरे द्वारे

तेरे द्वारे   भक्ति भाव मे विहल मन को जब मनवांक्षित फल नही पाता है जो वह उद्दीग्न हो जाता है फिर मन की अपनी ही गति परिलक्षित होने लगती है। भक्त लगातार अपने मन पर नियंत्रण की कोशिश करता रहता है। इन्ही कोशिश मे उसे लगता है कि उसको किसी सहारे कि जरुरत है तो वह अपने आराध्य की ओर ध्यान करता है। अपने आराध्य की ध्यान को अपनी ओर करने के लिए वह स्वयं की भाव भंगिमा मे वशिभुत कर लेता है जिससे की भाव प्रधान मन की उदिग्नता शरीरिक रुप सज्जा मे विघटित होकर एक उन्नत विचार…
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Encourage

Encourage

हौसला चाहिए      हौसला हासिल करने के लिए व्यक्ति को स्वयं के अंदर विश्वास पैदा करना परता है। इसके लिए हर छोटी सी छोटी बात को पुरा विश्वास के साथ करते हुए आगे बढ़ने की जरुरत होती है जिससे की किन्तू परंतु का कोई प्रश्न नही रहना चाहिए। हर कार्य को करने के लिए कार्य उत्साह के साथ योजनावद्ध तरीके से कार्य करने की ततपरता के मद्देनजर कार्य की समुचित ज्ञान होने से हौसला बनने मे देर नही लगती है। हल्की सी प्रत्साहन कार्य शक्ति को जागृत कर देती है। कार्यानुमुख होने के लिए जो निशा-निर्देश मिलते ही व्यक्ति सक्रिय…
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समझ का फेर

समझ का फेर

समझ की शक्ति ही समाधान की दिशा तय करती है। इस गुण के धनी लोग समय के साथ आगे बढ़ते हुए खुश दिखाई देते है। समझने की शक्ति की पराकाष्ठा के लिए, अपनी ज्ञानेद्रियां की सक्रियता के साथ ही हमें वर्तमान और भविष्य के हमारे अनुभव से सिखे हुए कुछ विशेष गुण का समावेश के साथ निर्णय लेने होते है। एक अच्छी समझ ही हमें एक संतुष्टीकारक समाधान दे सकता है।    कभी-कभी हमारी अपनी समझ पर हमें पुरा भरोसा होता है लेकिन समय के हिसाव से उस समझ के अनुरुप सफलता नही मिलती है। फिर हमें अपनी समझ को…
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