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Jan
Oplus_0 महाकुम्भ 2025 144 साल के बाद महकुम्भ 2025 का जो संयोग प्राप्त हुआ उसमे स्वयंं को भागीदार बनान के लिए जो लोगों मे उत्साह दिखा उसीका परिणाम था जो बड़ी मात्रा मे लोगो का हुजुम महकुम्भ स्नान को पहुँत गया। आस्था और विश्वास के साथ जो लोगो का जुड़ाव हुआ उससे एक नवीन उत्साह को लोगो मे संचार हुआ। इससे आने वाले सुंदर भविश्य की नवीन कल्पना जन्म लेगी जो लोगो के उत्साह को बढ़ाती रहेगी। त्रिवेणी संगम का पवित्र स्थल जहां पर गंगा यमुना और सरस्वती नदी एकिकृत होकर एक नदी बन जाती है महाकुम्भ के पावन स्थल…