Poem

अंतर्राष्ट्रीय आशा दिवस

अंतर्राष्ट्रीय आशा दिवस

Oplus_131072 अंतर्राष्ट्रीय आशा दिवस International Day of Hope जीवन एक सतत क्रियाशील इकाई है। इसमे पाये जाने वाला हमारा मन सतत ही नई उड़ान पर रहता है। इसी के उड़ान से मानव को नई उम्मीद जगती है। इसी उम्मीद को चरीतार्थ करने के लिए व्यक्ति प्रायस करता है। उसका यही प्रयास भौतिक जीवन की खोज से आशा की किरण को जन्म देता है। आशा की किरण व्यक्ति की अपनी संपत्ती है क्योकी सकारात्मक सोच उसे आशा की ओर धकेलती है जवकी नकारात्मक सोच उसको निराशा की ओर प्रेरित करती है। इस दोनो के बीच फंसा मानव विवेक का सहारा लेता…
Read More
अंतर्राष्ट्रीय आवश्यक तेल दिवस

अंतर्राष्ट्रीय आवश्यक तेल दिवस

Oplus_131072 अंतर्राष्ट्रीय आवश्यक तेल दिवस (International Essential Oils Day) तेल का प्रयोग कई रुपो मे किया जाता है। आजकल प्रमुक तेल मे डीजल और पेट्रोल आती है जिसका प्रयोग बाहन चलाने के लिए किया जाता है। आजकल के भागमभग भरी जीन्दगी मे लोगों को आपनी जरुरत पुरी करने के लिए बाहन की जरुरत होती है। इसके लिए उन्हे तेल की जरुरत होती है। लेकिन ये तेल तरल रुप मे घरती से निकाला जाता है जिसको की शुद्ध करके उपयोग मे लाया जता है। इसके साधन सिमित है जिससे की आने वाले समय मे इसकी कमी का सामना करना पर सकता…
Read More
विश्व जनसंख्या दिवस

विश्व जनसंख्या दिवस

Oplus_131072 विश्व जनसंख्या दिवस संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार विश्व की वर्तमान जनसंख्या नवम्बर 2022 में 8.3 अरब को पार कर गया था, तब से इसमे लगातार बृद्धी हो रही है। संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार भारत की 2026 में जनसंख्या लगभग 147 करोड़ से अधिक हो चुकी है। भारत की कुल आबादी दुनिया की कुल आबादी का 17.7% है। भारत मे जनसंख्या घनत्व 407 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है। भारत मे 67% जनसंख्या 15 से 64 वर्ष के बीच है। भारत की जनसंख्या में लगातार बृद्धी हो रही है। इसके कई कारण मौजुद है जिसमे प्रमुख है मृत्यू दर…
Read More
राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस

राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस

Oplus_131072 राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस (National Fish Farmers Day), मछली आजकल एक प्रमुख खाध्य पदार्थ के रुप मे पहचाने जाने लगा है। पहले यह परंपरागत रुप से भोजन के रुप मे आता था। लेकिन आजकल इसको व्यसायिक रुप से उत्पादित किया जाता है। मछली पालन के लिए छोटे तालाब से लेकरके बड़े समुद्र स्तर पर इसके उत्पादन की व्यवस्था बढ़ती जा रही है। मत्स्य से जुड़े व्यवसाय को नीली क्रांति के रुप मे देखा जाता है। जब मछली के सफल पेरित प्रजनन को सफलता पुर्वक कर लिया गया विकाश की एक नयी धारा का सुत्रपात हुआ। इसके बाद जरुरत के…
Read More
कॉल ऑफ द होराइजन दिवस

कॉल ऑफ द होराइजन दिवस

Oplus_0 कॉल ऑफ द होराइजन दिवस ( Call of the Horizon Day) इस दिवस को विशेष रुप से लोगों को अपनी दैनिक दिनचार्या से ब्रेक लेकरके बड़े सपने देखने. नई योजनाओं की शुरुआत करने और भविश्य की संभावनाओं पर विचार करने के लिए प्रेरित करने के उदेश्य से मानाया जाता है। वास्तविक जीवन मे लोग सपने बहुत देखते है और कल्पनाओं की भवर मे डूबते चले जाते है जिससे की उसका बास्तविक जीवन से दुर का रिस्ता हो जाता है। जो लोग इसके प्रति उत्सुक होते भी है तो उसमे टालमोटोल की स्थिती बनी रहती है। जीवन के दुरगामी लक्ष्यों…
Read More
जुड़सीतल

जुड़सीतल

जुड़सीतल     बिहार के मिथिला मे प्रचलित जुड़सीतल पर्व बहुत पुराने समय से मनाया जाने वाला महत्वपुर्ण त्योहार है। ग्राम्य जीवन से जुड़े लोग मिट्टी को जुड़ाव को दर्शाते है। इस दिन एक दुसरे को गिली मिट्टी लगाते है और खुशी मानाते है। संयुक्त परिवार की चली आ रही परंपरा मे कुछ लोग ऐसे होते थे जो मिट्टी का कार्य से दुर रहते थे लेकिन पुरी गतिविधी मिट्टी से जुड़े कार्य की ही करते थे। इसलिए आपसी सौहार्दय को बनाने और समरसता लाने के लिए इस अनोखी परंपरा की शुरुआत की गई। ग्राम्य जीवन मे कृर्षि कार्य को करने वाले…
Read More
महावीर जयंती

महावीर जयंती

महावीर जयंती   छठी सताब्दी ईसा पुर्व भगवान महावीर का जन्म हुआ था। इस समय छोटे-छोटे जनपद मे देश बटा हुआ था। इसी समय मगध जैसे गणराज्य का उदय हुआ। आपस मे समुदाय एक दुसरे से उलझे रहते थे। जिससे लोगो मे निराशा का वादल उमड़ने लगे थे। लोहा के व्यापक अपयोग के बाद एक बडे बदलाव की ओर लोग अग्रसर हो रहे थे। इसकी समय भगवान महावीर का आगमन हुआ। बिहार के बैशाली के निकट कुण्डलपुर ग्राम में चैत्र शुक्ल पक्ष त्र्योदशी तिथि को उनका जन्म हुआ था।   30 बर्ष की आयु मे भगबान महाबीर ने घर-बार छोड़कर…
Read More
मजबूरी

मजबूरी

मजबूरी मजबूरी     जरुरत और व्यवस्था में समानजस्य नही होने से समस्या उतपन्न हो जाती है। यदि व्यवस्था को सही करने की हमारी कार्य क्षमता नहीं है या इसमें समय लग सकता है तो हम ततकाल अपनी जरुरत को पुरा करने के लिए जिस मार्ग का अनुसरण करते है और वो हमारी सोच मे नही है तो हम इसे मजबूरी की संज्ञा देते है। हम कार्य कर तो रहे है लेकिन मजबुरी में यानी इसम हमारी व्यवस्थित सोच जैसी उत्साह नही रहती है। इसके फलस्वरुप समय के साथ जो व्यवस्था बनती है उसमे हमारी आदत बन जाती है और हम…
Read More
शहीद दिवस

शहीद दिवस

शहीद दिवस शौर्य और विरता की कहानी सुनकर मन उत्वेलित और उत्साहित हो जाता है। मन मे उत्पन्न होने वाला उदगार हमारे जीवन को अर्थपुर्ण बनाने के लिए हमें प्रेरित करता है। यह प्रेरणा हमे जीवन के उच्चता के भाव को सहजता से स्वीकारने के लिए हमे सहज बनाता है। यह सहजता ही हमें जीवन को परिभाषित करने मे हमारी मदद करता है। हमारा आत्मबल हमारी ताकत बनकर हमे आगे बढ़ने के लिए हमारा मार्गदर्शन करता है। सकारात्मक विचार की ओर बढ़ता हमारा कदम हमें मजबुत बनाता है। यही मजबुती राष्ट निर्माण मे अग्रणी भुमिका निभाता है।     शहीद दिवस…
Read More
Marriage Anniversary

Marriage Anniversary

Oplus_131072 शादी की पहली सालगीरह गृहस्थाश्रम जीवन की शुरुआत शादी से ही होती है। परिवारीक जीवन के अनमोल मोती इसमे पिरोये रहते है। जीवन के हर विधा को यहां संयमित और नियंत्रित किया जाता है। कहा जाता है कि एक संपुर्ण जीवन जीने के लिए वैवाहिक जीवन जरुरी है। वैवाहिक जीवन एक वंधन होता है जिसकी चुनौतियो को साधते हुए एक कुशल जीवनयापन से जो समाजिक आदर्श स्थापित होता है उससे अधिक मुल्यावान किसी और को नही माना जाता है।    इस मुल्यावान जीवन के कई स्तम्भ है जिसको की सही तरह से समझते हुए जीवन मे आगे बढ़ना होता…
Read More
error: Content is protected !!