समानता

महिला समानता दिवस

महिला समानता दिवस

Oplus_131072 महिला समानता दिवस (Women’s Equality Day) आज की दूनीया बाजारबाद को प्रश्रय देती है। यहां ऐसा माना जाता है कि सबकुछ बिकाऊ है। बस आपको बेचने आना चाहिए। इस सोच के कारण समय और परिस्थिती के अनुसार हर बस्तू की किमत लगायी जाती है और खरीदी तथा बेची जाती है। इस खरीद बिक्री कि क्रिया से स्वयं को उच्च समझने की भूल भूलैया मे व्यस्त बतलाया जाता है। इसके उपरांत मिलता है तनाव, भूख और अशांति। इसके बाबजूद यदि फिछे मुडकर देखे तो लगता है हम भौतिक स्तर पर दुसरे से ऊपर तो है हमे और आगे जाना है।…
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बिंदास भोला

बिंदास भोला

बिंदास भोला अपने सिमित साधन के साथ नवाचार होते हुए खुश रहने वाले भोला को लोभी, भोगी और मानसिक रोगी वाले से चिढ़ बढ़ती है। वह इन लोगो के करीब नही आना चाहता है। लेकिन प्रकृति मे निरंतर घटनाक्रम चलते रहता है हम अपने स्वभाव के अनुरुप ही उसका प्रतिकार करते है तथा उसके फलाफल को प्राप्त कर अपनी जीवन यात्रा पर आगे निकल जाते है।    भोला चाहता है कि संसार के सभी प्राणी बिंदास होकर जीवन यापन करे। कोई किसी की आंतरीक सीमा मे जाकर क्यो उसके बिंदास जीवन पर जबरन अधिकार प्रत्योरोपित करे। इस व्यवस्था का बिरोध…
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