Chaurchan poem

Chaurchan

पुत्र को दिर्धायु बनाने के लिए चौरचन पर्व को करती माता, समाज के शुद्ध स्वरुप को अपने पुत्र मे स्थापना की मांग करती है। निष्कलंक बिकाश की कामना भगवान गणेश से करती हुई ब्रत को पुरा करती है।

Continue Reading
सावन का तिसरा सोमवारी कविता

Third Sawan Somwari

शिव के जलाभिषेक की गाथा हम सावन के तिसरी सोमवारी के रुप मे करने जा रहे है। जल की महीमा तथा शिव भक्ति का अपार भाव हमारी मन को जित लेता है। भक्ति भाव से परिपुर्ण यह कविता हमारी भाव को एक स्तर और उपर ले जायेगा।

Continue Reading

बन्धन

बन्धन हमारे जिवन को एक सुत्र मे बाधता है जो हमारे जिवन को निर्देशित करते हुए हमरे लक्ष्य तक पहुँचकर हमे एक योग्य व्यक्ति बनता है। बन्धन की पुरी कहानी के लिए लेख पढ़े।

Continue Reading
स्वाभिमान

स्वाभिमान

अपने कार्य की प्रखरता को बनाये रखने के लिए हम जो प्रयास करते है, तथा जिससे हमारा विश्वास बनता है। हमारा स्वाभिमान कहलाता है। हमे अपने आप पर पुर्ण बिश्वास होता है। हम हर परिस्थिति का समाना करने की सामर्थ रखते है। जिससे की हमारा बिश्वास का लेवल काफी उँचा हो जाता है। इसको बनाये […]

Continue Reading