sneha

178 Posts
वक्त का आईना

वक्त का आईना

वक्त का आईना वक्त के आईना मे खुद को निरखना एक कला है अपने अंदर की ओर झांकने का कार्य ऋषि मुनी करते है, जिससे की उनका आत्म दर्शन हो जाता है। लेकिन व्यवहारिक मनुष्य के लिए ऐसा कर पाना समान्य व्यवहार मे नही आता है। इसलिए वह समय के साथ अपनो को ढ़ालने के लिए वक्त के आईना मे खुद को देखता है तथा जीने की कला विकसित करता है जिससे की वक्त के साथ सही तरीके से समायोजन हो सके। जिससे बाद वह खुद को आगे निकालने के लिए यथेष्ट बन जाता है।      यहां लेखिका खुद को…
Read More
सीडीएस बिपिन रावत को श्रधांजलि

सीडीएस बिपिन रावत को श्रधांजलि

सीडीएस बिपिन रावत को श्रधांजलि भारत के सी डी एस बिपिन रावत आचानक हमलोगो को छोड़कर चले गये। आज जब सीमा पर दुश्मन खड़ा हमे चुनौती दे रहा है तो ऐसे अनुभवी व्यक्ति की खास जरुरत होती है। इनकी दुरदर्शी सोच के कारण भारत को काफी लाभ हुआ। आनेवाली संभावना के प्रति बराबर सचेत रहते थे। अपने को हमेशा नयी सुचना से अपग्रेड रखते थे। कहते है घटना से जो लड़कर निकलता है, ओ आगे डटकर रहता है, लेकिन उनकी कमी हमेशा हमलोगो को खलती रहेगी। उनके काल खण्ड मे गलवान की झरप, मयांमार सर्जिकल स्ट्राईक तथा पाक सर्जिकल स्ट्राईक…
Read More
श्रधेय बिदाई

श्रधेय बिदाई

श्रधेय बिदाई हमारा नित्य प्रति लोगो से मिलने जुलने का कार्य चलता रहता है, ऐसे मे कुछ ऐसे लोग होते है जो अपना एक प्रभाव छोड़ जाते है, जिन्हे हम कार्य उन्मुख होते समय उनकी याद करते है। ऐसे लोगो के प्रति हमारा भाव एक बिचार बनकर हमारे अंदर रह जाती है। इन्ही बिचारो की एक कड़ी हम यहां भेंट कर रहे है। कार्य मे प्रखरता तथा ततपरता व्यक्ति को एक दुसरे से जोडने का जो कार्य करता है उसका प्रभाव बनता है। कार्य के प्रति लगाव की गाथा को सुनाकर एक दुसरो को प्रोत्साहन करने की बात सतत चलती…
Read More
यादो का नया साल

यादो का नया साल

यादो का नया साल यादो का नया साल यादों का नया साल अनुभव जीवन प्रयंत चलने वाला महत्वकांक्षा का योग है। कुछ पल ऐसे होते है जिसे हम बार -बार याद करते है। हमारा सफर और अच्छा हो इसके लिए हम लगातार प्रयासरत रहते है। योदों का नया साल हमे पुराने बिते समय की एक रुप रेखा बनाता है तथा कुछ नया करने की प्रेरणा देता है। हमारे सामने हमारे विचार स्थल पर बीते दिनो की एक पुरा परिदृष्य होता है जिससे की हम समय के साथ ज्यादा समायोजन कर उर्जावान बन सके. हम अपने नजरीया मे बदलाव लाकर सही…
Read More
शिक्षा दान

शिक्षा दान

शिक्षा-दान   गुरु शिष्य की परम्परा सदियों से चली आ रही है। शिक्षा प्राप्ति के पश्चात गुरू दक्षिणा लेने की कथा बहुत कम मिलता है। एक प्रसिद्द कथा महाभारत काल मे कर्ण की आती है। कर्ण जब छोटा था, तब उन्हें गरु द्रोणाचार्य ने शिक्षा दान देने से इंकार किया था, जिसके जवाब मे कर्ण ने कहा- गुरु जी शिक्षा दान मे लेना भी नही चाहिए। लेकिन बाद मे उनके गुरु परशुराम ने उन्हे शिक्षा दिया। उन्होने कहा तुम ने जो वात्सल्य प्यार हमे दिया है- वही हमारी  दक्षिणा है। हम सभी इस महान शिष्य की गाथा से परिचित है,…
Read More
विश्वकर्मा पूजा

विश्वकर्मा पूजा

विश्वकर्मा पूजा धातु के रुप मे लोहा के अविष्कार के साथ मानव जीवन मे बहुत बड़ा बदलाव आया। मानव के विकाश की पुरी दशा ही बदल गई। भाव की प्रधानता से मानव के विकाश की यात्रा का स्वरूप हम आज देख रहे है इसके लिए हम उस दिव्य शक्ति को याद करते है जिसने इसका ज्ञान मानव को दिया। निर्माण के किसी भी कार्य को सफलता पुर्वक करने के लिए देव लोक मे भगवान विश्वकर्मा को याद किया जाता है। मानव तन को ये शक्ति देव रुप विश्वकर्मा से प्राप्त हुआ है। इनके आराधना से कार्य की गुणता बनी रहती…
Read More
यादो का सफऱ

यादो का सफऱ

यादों का सफर योदों का सफर बड़ा लम्बा होता है। हमारे सफर की धुंधली तस्वीर हमारे मस्तिष्क मे लम्बे समय तक सुरक्षित रहता है। इस सफर का कुछ पहलु ऐसा होता है, जो हमारे अनुभव का भाग बन जाता है। जीवन यात्रा मे जहां हमें कठीनाई का सामना करना पड़ता है तो हम कोई सहारा ढ़ुढ़ते लगते है, तो यही यादें हमारा मार्ग दर्शन करती है। जिवनदर्प उजियारा हो इसके लिए यादो के सफर का होना अच्छा माना जाता है। यह हमारी ओ सम्पत्ति है, जिससे हमारे जीवन को एक अर्थ मिलता है। विध्न बिनाशक माने जाने वाले यह सफर…
Read More
मोबाइल वाली दुल्हन

मोबाइल वाली दुल्हन

मोबाइल वाली दुल्हन मोबाईल के इस युग मे लोगो को अपनी बात कहने का एक आसान साधन मिल गया है। अपने भाव को दुसरों तक पहुँचाने मे इसका प्रयोग तेजी के साथ हो रहा है। हमारी भाव का प्रारुप दुसरे भाव को शेयर करने तक सिमित रह गया है। कहीं न कहीं हमारी मुल भावना का लोप दिखाई दे रहा है। फिर भी हम आजकल के भागमभाग जिंदगी को मोबाईल से दुर नही कर सकते है। यहाँ मोबाईल वाली दुल्हन के रुप मे हम आजकल के जिंदगी के एक प्रारुप को व्यक्त करने की कोशीश कर रहे है आशा है…
Read More
मुझे प्यार दो

मुझे प्यार दो

मुझे प्यार दो प्यार की जरुरत सबको है, यह एक ऐसा फल हो जो व्यक्ति को व्यक्ति से जोड़ता है। इसके सहारे हम जीवन की लम्बी यात्रा मे आसानी से जीने का एहसास पाते है। प्यार को लोगो ने कलात्मकता का रुप देने की कला भी माना है। हमारी भावना को कहने के लिये हमे शब्द चाहिए तथा इनको यथा समय व्यक्त करने के लिये भी कला चाहिए। इसी कलात्मक रुप को दर्शाता यह काव्य लेख एक दुसरे को प्रभावित करने की कला को परखता है और अगे बढ़ने की प्रेरण भी देता है. प्यार को समझने तथा समझाने के…
Read More
मॉ का जन्मदिन

मॉ का जन्मदिन

ममी का बर्थ डे बर्थ डे मनाने की परंपरा बिदेशी होने के साथ ही इसकी व्यवस्था भी बिदेशी ही है। हिन्दुस्तान मे गुजर चुके लोगो से कुछ सिखने की व्यवस्था है जिसको हम याद करते है तथा जिसकी वर्षी हर साल हमलोग मनाते है। समय के साथ होने वाले परिवर्तन के प्रती हम सहज बनते जा रहे है। सधारणतया युवा को इसके प्रति ज्यादा रुची रहती है। स्वयं की महीमा मंडित करने की प्रथा समाज मे स्वयं के प्रती के भाव को बढ़ावा देता है। ऐसा देखने को मिलता भी है कि आज का समाज व्यक्ति केद्रित होता जा रहा…
Read More
error: Content is protected !!