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न्याय की देवी

न्याय की देवी

न्याय की देवी Oplus_0    न्याय सबको सहज और आसानी से प्राप्त हो जिससे समाज के अंदर विश्वास के साथ समरसता का भाव को जागृत किया जा सके। जिससे सत्य और निष्ठा को स्थापित किया जा सके। भारत एक विशाल देश है इसमे समाज के विभिन्न वर्ग के लोग विभिन्न प्रकार के वेशुभुषा, भाषा, रहन सहन के साथ रहते है। इसके विच होने वाली आपसी तनाव और समस्या के निदान के लिए एक उच्च स्तर के न्यायिक व्यवस्था की जरुरत होती है। इसी व्यवस्था को बनाये रखने के लिए न्याय के प्रतिक को स्थापित किया जाता है। इसमे न्याय होने…
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Bewildered

Bewildered

किंकर्तव्यविमुढ़ता Oplus_0 लक्ष्य को साधित करने के बाद उसको पाने के लिए किये जा रहे प्रयास मे जब वाधा उत्पन्न होती है तो व्यक्ति सामाधान ढ़ुढ़ता है। यही पर किंकर्तव्यविमुढ़ता की स्थिती आती है। व्यक्ति के अंदर समाधान के लिए गुण की कमी, संसाधन की कमी या व्यवस्था की कमी जैसी अनेको समस्या आ खड़ी होती है। वह ऐसे चौराहे पर खड़ा होता है जहां से अनेको रास्ते निकलते है सभी रास्ते मे कुछ कमी और कुछ सही नजर आता है।   यहां पर व्यक्ति को अपने सोच, कार्य करने की क्षमता तथा उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार उपयुक्त जानकारी को…
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Bihar election 2025

Bihar election 2025

Oplus_131072 बिहार चुनाव 2025 बिहार चुनाव 2025 कई मायने मे खास रहा। चुनाव के नतीजे ने सभी को चौका दिया। जनता का अचानक बदला हुआ बिचार किसी को समझ नही आया। एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नही आया जवकि एक गठवंधन को बहुमत प्राप्त हुआ है। बिहार की वर्तमान राजनिति मे कोई भी ऐसा पार्टी नही है जो अपने दम पर पुर्ण बहुमत का दावा कर सकती है। बिहार मे इसके कई कारण है। इन्ही कारणो के कारण आज एक तरह के विचारधारा वाले लोग एक समुह बनाकर चुनाव की पटकथा लिखते है।    बिहार चुनाव की ये स्थिति विगत…
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मजदूर

मजदूर

मजदूर कार्य करने की जरुरत तो सबको होती है कोई मजबुरी मे करता है तो कोई शौक से करता है तो स्वभाव वस करता है। जब किसी खास व्यवस्था मे कार्य किया जाता है और उसके बदले कुछ प्राप्त किया जाता है तो वो मजदुरी के दायरे मे आता है। आजकल जब विशेष कर दैनिक जरुरत की पुर्ती मे कमी आ जाती है तो कार्य करने के लिए मजबुर होना परता है तो दैनिक वेतनभोगी के रुप मे कार्य को करने परते है तो वो मजदुरी के दायरे मे आता है। यही से आगे बढ़ने की कोशीश तीव्र होने लगती…
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वनस्पति और पार्यावरण

वनस्पति और पार्यावरण

बनस्पति और पार्यवरण वैस्वविक प्रतिस्पर्धा के बढने के साथ ही विकाश की होर सी लग गई है। विकाश की इस दिशा का निर्धारण आर्थिक स्तर पर किया जाना लेगा है। आर्थक लाभ-हनि के कारण बहुत सारे बातों के नजरअंदाज कर दिया जा रहा है। इस नजर अंदाज का प्रभाव दिखने भी लगा है। इस प्रभाव को आंकलन करने वाले तथ्य को ज्यादा महत्व नही दिया जा रहा है क्योकि इससे नुकसान का भाव आता है।       सबसे ज्याद प्रभाव जिसपर पड़ा है वह है हमारा वनस्पति लगातार इसकी संख्या घटती जा रही है। जितने पेड़ लगाये जा रहे है उससे…
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चुनाव

चुनाव

चुनाव करने की कला जीवन मे चुनाव का बड़ा महत्व होता है। चुनाव ऐसे समय आता है जब हमारा मन तन जागृत रहता है। हमारे अंदर उत्साह का एक वेग रहता है जो हमारे कार्य उर्जा द्वारा सम्पादित किया जाना होता है। हमारा समर्थ हमें आगे चलने के लिए प्रेरित करता है। ऐसे ही समय चुनाव आता है। दर असल चुनाव हमारे अस्थिर नजरीया के कारण पैदा होता है। अस्थिर नजरिया का कारण उपयुक्त जानकारी का नही होना होता है। यदि समस्त जानकारी उपलब्ध हो जाय तो एक नजरिया बन ही जाती है। एक नजरिया बनने के बाद कार्य को…
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टांगीनाथ धाम

टांगीनाथ धाम

Tanginath Dham टांगीनाथ धाम टांगीनाथ धाम झारखण्ड राज्य के गुमला शहर के दक्षिण में 75 किलोमीटर दुर एक पहाड़ पर स्थित है। यह धाम डुमरी बलॉक से 8 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है। मंदिर लगभग 300 फीट के पहाड़ की ऊँचाई पर अवस्थित है। यहां पर पहुँचने के लिए लगभग 132 सिढ़ियां चढ़नी परती है। मुख्य मंदिर स्थल मंदिर परिसर के पुरव मे स्थित है, जिसका मुख्य द्वार पश्चिम की तरफ है। यहां पर सामने से जाने के लिए स्टील का घेरा को लगाया गया है। मुख्य मंदिर के गर्भ गृह मे प्रवेश करने के बाद वहां पर एक…
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खूंटी यात्रा

खूंटी यात्रा

हमारी खुंटी यात्रा         यात्रा का अपना ही एक आनन्द होता है। एक पुरानी यादें ने हमारे बिचार को गति दी और हमलोग खुंटी की यात्रा का मन बना लिया। यात्रा को आसान बनाने के लिए हमलोगों ने रेलवे को चुना जो बस की यात्रा से ज्यादा आरामदायक लगा। हमलोग अपनी व्यवस्था के साथ रांची के लिए निकल लिये। रात्री यात्रा से गुजरते हुए सुवह का नजारा बड़ा ही अदभुत था। पहाड़ी ईलांको से गुजरता हमारी गारी धिरे-धिरे अरने मंजिल के तरफ बढ़ रही थी। ध्यान धड़ी पर भी था क्योकि जिस कार्य हेतु जा रहा था वहां समय से…
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देवी देवता

देवी देवता परिचयः- देवी-देवता का स्थान भारतीये समाज मे बहुत गहरा है। लोगो के भावनाओ के साथ इसका गहरा संबंध है। सामाजिक स्तर पर एक पुरा ढ़ाचा का बिकास हो गया है। इसमे लोगो की भावना कुट - कुट कर भरी हुई है। जिस समस्या का समाधान हम आसानी से खोज लेते है, अर्थात जो हमारी पहुँच के दायरे मे है, वहां तक हम अपनी बात को यथार्थ के रुप मे मानते है। वैसे समस्या जिसका समाधान हमारी पहुँच के बाहर है और हम उसका हल अपने अनुसार चाहते है वहाँ देवी-देवता का स्थान आता है। लोग इसे आस्था का…
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बन्धन

बन्धन

बन्धन यह शब्द लोगो को बहुत व्यथित करता है, क्योकी यह स्वतंत्रता की धारा मे आवरोध उतपन्न करता है। लेकिन यह यदि योगपुर्ण हो तथा समय के साथ परिवर्तनशिल हो तो लाभकारी हो जाता है। मन की स्वतंत्रता यदि तन को आधार मान ले तो ब्यक्ति का पतन तय मान लेना चाहिए। मन पर बन्धन का मानसिक दवाव एक शक्तिशाली हथियार है। अपने आपको समय के धुरी से बाँधकर रखना एक कलात्मक योग है। इसका सतत पालन करना व्यक्ति को कार्य दबाव से मुक्ति के मार्ग को आसान बना देता है। समय का कार्य के साथ समायोजन जरूरी है जिससे…
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