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विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस

विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस खाद्दान मानव की मुलभूत जरुर मे से एक है। जीवन प्रयंत इसकी आपुर्ती होती रहे इसके लिए इसकी सुरक्षा जरुरी है। खाद्दान के संरक्षण की जरुरत है क्योकि इसके नष्ट होने की संभावना बहुत अधिक रहती है। बदलते पार्यावरण के कारण आजकल खाद्दान के उत्पादन बहुत प्रभावित हो रहा है। ग्लोबल वार्मिग के कारण जो तापमान मे परिवर्तन आया है इसके कारण बर्षा बहुत प्रभावित हुआ है जिससे की स्थानीय मौसम भी प्रभावित हुआ है। इस प्रभाव के कारण खाद्दान की उत्पादकता प्रभावित हुई है।  बढ़ती जनसंख्या भी खाद्दान कि कमी को दर्शाता है। विज्ञान के…
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एक अनोखी मुलाकात

एक अनोखी मुलाकात

एक अनोखी मुलाकात किसी व्यक्ति से मिलने की पुरी पटकथा हमारी मन मे चल रहे उसके प्रती विचार पर निर्भर करता है। हमारे विचार को बनने के लिए एक दुसरे के प्रति लगाव और सम्मान के साथ जरुरत की व्यवस्था पर निर्भर करता है। यदि व्यक्ति हमारे भाव के हो तो हमारे विचार लगातार सक्रिय रहते है और हमे प्रेरित करते रहते है। विचार के आदान प्रदान के बाद एक दुसरे प्रति नजरीया मे भी निखार आता है। एक संपुष्ट नजरीये के बाद आपसी लगाव को एक अर्थ मिलने लगती है और फिर एक अच्छी सोच के साथ आने वाले…
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उधार और सुधार

उधार और सुधार

उधार और सुधार उधार लेने वाले बड़े ही आशावान प्रवृति के होते है। उनको ऐसा लगता है कि वर्तमान स्थिती से निकलने के लिए उसके एक मात्र सहारा आपसी सहयोग का उपयोग करके वो आगे निकल सकतें है।इसके लिए वो अपने सबसे विश्वस्त को खोजते है और उसमे से एक एक करके चुनाव करते है और अपनी स्थिती को मजबुत करने की असफल कोशीस करते है। उधार लेते समय उनकी विकाश की महत्वाकांक्षा प्रभावी रहती है लेकिन वो खुद को परेशानी से बाहर निकलन मे अपनाी जमा पुजी खर्च कर देते है जिससे उसके माली हालत मे सुधार नही होता…
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बाबा साहेव भीमराव अम्बेदकर

बाबा साहेव भीमराव अम्बेदकर

बाबा साहेव भीवराव अम्बेदकर   बाबा साहेव भीव राव अम्बेदकर जी का जन्म भारत के उत्तर प्रदेश के महु मे हुआ था। वे अपने माता पिता के 14 वें संतान थे। बचपन से ही उन्होने सामाजिक तान-वाना को करीव से देखा। समाज मे छुआछुत की व्यवस्था उस समय चरम पर थी। उन्होने अपने कार्य क्षमता को बढ़ाया और उच्च शिक्षा हासिल की। उन्होने कोलंबिया और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स दोनो ही विश्वविध्यालय से इकोनॉमिक्स मे डॉक्ट्रीयट की उपाधी प्राप्त की। उन्होने विधी शास्त्र पर शोध भी किया।    भारत के संविधान के प्रारुप समिति के अध्यक्ष बने। वे स्वतंत्र भारत…
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वरदान का महत्व

वरदान का महत्व

वरदान का महत्व वरदान का महत्व भक्त और भगवान का बड़ा ही अनुठा संबंध होता है। भक्त भगवान के प्रति जितना आसक्त होता है भगवान के वो उतने ही करीव होता है। उसकी भक्ती उसको इस लायक बना देती है की वो हर परिवर्तन का मिल्यांकन कर सकता है। अपने इस गुण के कारण उसकी समझ अच्छी हो जाती है। वर्तमान जीवन के कठीन पल को वो आसानी से समझते हुए वो आगे निकलता चला जाता है। उसकी ये समझ उसको संतुष्टी देती है।    भक्ति के एक पराव पर भक्त और भगवान का प्रतक्षिकण होता है जिसमे भक्त भगवान…
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एक फूल की भेंट

एक फूल की भेंट

एक फूल की भेंट   सुखद वैवाहिक जीवन के हसीन सपनो को सजाता हुआ जीवन आगे चलता जाता है। इसमे संभावनाओं के मोती जड़े होते है। इस संभावनाओ को हम अपने कार्य क्षमता और उम्मीद के सहारे सिंचते चले जाते है। जबकी प्राकृतिक रुप से वास्तविकता कुछ और ही होती है, क्योकि परिस्थिती लगातार बदलती रहती है। हमको इस बदलाव को ख्याल करके अपने कार्य को समझना और समझाना होता है। यहीं से जीवन को जीने की सच्ची अनुभूती की शुरुआता होती है। यही गुण बड़ा होकर व्यक्ति को गुणत्मक रुप मे स्थापित करता है। ऐसी ही एक कहानी का…
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न्याय की देवी

न्याय की देवी

न्याय की देवी Oplus_0    न्याय सबको सहज और आसानी से प्राप्त हो जिससे समाज के अंदर विश्वास के साथ समरसता का भाव को जागृत किया जा सके। जिससे सत्य और निष्ठा को स्थापित किया जा सके। भारत एक विशाल देश है इसमे समाज के विभिन्न वर्ग के लोग विभिन्न प्रकार के वेशुभुषा, भाषा, रहन सहन के साथ रहते है। इसके विच होने वाली आपसी तनाव और समस्या के निदान के लिए एक उच्च स्तर के न्यायिक व्यवस्था की जरुरत होती है। इसी व्यवस्था को बनाये रखने के लिए न्याय के प्रतिक को स्थापित किया जाता है। इसमे न्याय होने…
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Bewildered

Bewildered

किंकर्तव्यविमुढ़ता Oplus_0 लक्ष्य को साधित करने के बाद उसको पाने के लिए किये जा रहे प्रयास मे जब वाधा उत्पन्न होती है तो व्यक्ति सामाधान ढ़ुढ़ता है। यही पर किंकर्तव्यविमुढ़ता की स्थिती आती है। व्यक्ति के अंदर समाधान के लिए गुण की कमी, संसाधन की कमी या व्यवस्था की कमी जैसी अनेको समस्या आ खड़ी होती है। वह ऐसे चौराहे पर खड़ा होता है जहां से अनेको रास्ते निकलते है सभी रास्ते मे कुछ कमी और कुछ सही नजर आता है।   यहां पर व्यक्ति को अपने सोच, कार्य करने की क्षमता तथा उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार उपयुक्त जानकारी को…
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Bihar election 2025

Bihar election 2025

Oplus_131072 बिहार चुनाव 2025 बिहार चुनाव 2025 कई मायने मे खास रहा। चुनाव के नतीजे ने सभी को चौका दिया। जनता का अचानक बदला हुआ बिचार किसी को समझ नही आया। एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नही आया जवकि एक गठवंधन को बहुमत प्राप्त हुआ है। बिहार की वर्तमान राजनिति मे कोई भी ऐसा पार्टी नही है जो अपने दम पर पुर्ण बहुमत का दावा कर सकती है। बिहार मे इसके कई कारण है। इन्ही कारणो के कारण आज एक तरह के विचारधारा वाले लोग एक समुह बनाकर चुनाव की पटकथा लिखते है।    बिहार चुनाव की ये स्थिति विगत…
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मजदूर

मजदूर

मजदूर कार्य करने की जरुरत तो सबको होती है कोई मजबुरी मे करता है तो कोई शौक से करता है तो स्वभाव वस करता है। जब किसी खास व्यवस्था मे कार्य किया जाता है और उसके बदले कुछ प्राप्त किया जाता है तो वो मजदुरी के दायरे मे आता है। आजकल जब विशेष कर दैनिक जरुरत की पुर्ती मे कमी आ जाती है तो कार्य करने के लिए मजबुर होना परता है तो दैनिक वेतनभोगी के रुप मे कार्य को करने परते है तो वो मजदुरी के दायरे मे आता है। यही से आगे बढ़ने की कोशीश तीव्र होने लगती…
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