sneha

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यादो का नया साल

यादो का नया साल

यादो का नया साल यादों का नया साल का जीवन प्रयंत चलने वाला अनुभव का योग है। कुछ पल ऐसे होते है जिसे हम बार - बार याद करते है। हमारा सफर और अच्छा हो इसकी याद करने के लिए हम लगातार प्रयासरत रहते है। यादो का नया साल हमे पुराने बिते समय की एक रुप रेखा खिंचता है तथा नया करने के लिए संकल्प की प्रेरणा देता है। हमारे सामने हमारे विचार स्थल पर बीते दिनों का एक पूरा परिदृश्य होता है जिससे की हम समय के साथ ज्यादा समायोजन कर ऊर्जावान बन सके। हम अपने नजरीया मे बदलाव…
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शिक्षा दान

शिक्षा दान

शिक्षा-दान  गुरु शिष्य की परम्परा सदियों से चली आ रही है। शिक्षा प्राप्ति के पश्चात गुरू दक्षिणा लेने की कथा बहुत कम मिलता है। एक प्रसिद्द कथा महाभारत काल मे कर्ण की आती है। कर्ण जब छोटा था, तब उन्हें गरु द्रोणाचार्य ने शिक्षा दान देने से इंकार किया था, जिसके जवाब मे कर्ण ने कहा- गुरु जी शिक्षा दान मे लेना भी नही चाहिए। लेकिन बाद मे उनके गुरु परशुराम ने उन्हे शिक्षा दिया। उन्होने कहा तुम ने जो वात्सल्य प्यार हमे दिया है- वही हमारी  दक्षिणा है। हम सभी इस महान शिष्य की गाथा से परिचित है, जिन्होने…
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विश्वकर्मा पूजा

विश्वकर्मा पूजा

विश्वकर्मा पूजा धातु के रुप मे लोहा के अविष्कार के साथ मानव जीवन मे बहुत बड़ा बदलाव आया। मानव के विकाश की पुरी दशा ही बदल गई। भाव की प्रधानता से मानव के विकाश की यात्रा का स्वरूप हम आज देख रहे है उसके लिए हम उस दिव्य शक्ति को याद करते है जिसने इसका ज्ञान मानव को दिया। निर्माण के किसी भी कार्य को सफलता पुर्वक करने के लिए देव लोक मे भगवान विश्वकर्मा को याद किया जाता है। मानव तन को ये शक्ति देव रुप विश्वकर्मा से प्राप्त हुआ है। इनके आराधना से कार्य की गुणता बनी रहती…
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यादो का सफऱ

यादो का सफऱ

यादों का सफर योदों का सफर बड़ा लम्बा होता है। हमारे सफर की धुंधली तस्वीर हमारे मस्तिष्क मे लम्बे समय तक सुरक्षित रहता है। इस सफर का कुछ पहलु ऐसा होता है, जो हमारे अनुभव का भाग बन जाता है। जिवन यात्रा मे जहां हमें कठीनाई का सामना करना पड़ता है और हम कोई सहारा ढ़ुढ़ते लगते है, तो यही यादें हमारा मार्ग दर्शन करती है। जिवनदर्प उजियारा हो इसके लिए यादो के सफर का होना अच्छा माना जाता है। यह हमारी ओ सम्पत्ति है, जिससे हमारे जिवन को एक अर्थ मिलता है। बिध्न बिनाशक माने जाने वाले यह सफर…
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मोबाइल वाली दुल्हन

मोबाइल वाली दुल्हन

मोबाइल वाली दुल्हन मोबाईल के इस युग मे लोगो को अपनी बात कहने का एक आसान साधन मिल गया है। अपने भाव को दुसरों तक पहुँचाने मे इसका प्रयोग तेजी के साथ हो रहा है। हमारी भाव का प्रारुप दुसरे भाव को शेयर करने तक सिमित रह गया है। कहीं न कहीं हमारी मुल भावना का लोप दुखाई दे रहा है। फिर भी हम आजकल के भागमभाग जिंदगी को मोबाईल से दुर नही कर सकते है।यहाँ मोबाईल वाली दुल्हन के रुप मे हम आजकल के जिंदगी के एक प्रारुप को व्यक्त करने की कोशीश कर रहे है आशा है हमारी…
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मुझे प्यार दो

मुझे प्यार दो

प्यार की जरुरत सबको है, यह एक ऐसा फल हो जो व्यक्ति को व्यक्ति से जोड़ता है। इसके सहारे हम जावन की लम्बी यात्रा को आसानी से जीने का एहसास पाते है। प्यार को लोगो ने कलात्मकता का रुप देने की कला भी माना है। हमारी भावना को कहने के लिये हमे शब्द चाहिए तथा इनको यथा समय व्यक्त करने के लिये भी कला चाहिए। प्यार को समझने तथा समझाने के लिये व्यक्ति के पास एक प्रारुप होता है, जो वह अपने समाज से सिखता है, तथा इसका उपयोग करने की लगातार प्रयास जारी रखता है। फिर भी उसे लगता…
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मॉ का जन्मदिन

मॉ का जन्मदिन

ममी का बर्थ डे बर्थ डे मनाने की परंपरा बिदेशी होने के साथ ही इसकी व्यवस्था भी बिदेशी ही है। हिन्दुस्तान मे गुजर चुके लोगो से कुछ सिखने की व्यवस्था है जिसको हम याद करते है तथा जिसकी वर्षी हर साल हमलोग मनाते है। समय के साथ होने वाले परिवर्तन के प्रती हम सहज बनते जा रहे है। सधारणतया युवा को इसके प्रति ज्यादा रुची रहती है। स्वयं को महीमा मंडित करने की प्रथा समाज मे स्वयं के प्रती के भाव को बढ़ावा देता है। ऐसा देखने को मिलता भी है कि आज का समाज व्यक्ति केद्रित होता जा रहा…
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मामा जी की 45 वाँ एनिवर्षरी

मामा जी की 45 वाँ एनिवर्षरी

मामा जी की 45 वॉ एनिवर्षरी एनिवर्शरी को मनाने का सामान्य प्रचलन भारत मे नही है। फिर भी समय के साथ लोगो को इसमे दिलचस्पी बढ़ती जा रही है। तनाव भरी जिवन के आजकल के इस दौर मे लोगो को कुछ समय मिल जाता है जब लोग सब कुछ भुलाकर अपनी एक नयी रंग मे रंग जाते है। खुशीयोँ को ताजा करने का यह चलन स्वभाविक रुप से बड़ा आनन्दायक होता है। छनभंगुर जिवन के एक-एक वर्ष की खुशीयाों का सौगात अपनो के साथ बांटनाा एक अलग ही सुखद एहसास देता है।          जिवन की नइया के पार जाते एक-एक…
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माँ दुर्गा और युद्ध भूमी

माँ दुर्गा और युद्ध भूमी

मां दुर्गा के युद्ध भुमी सामाजिक न्यायिक जीवन निर्वाह के लिए उसके ताना-बाना को समझना होता है तथा उसके अनुरुप अपने को ढ़ालकर कार्य करने की कला विकसित करनी होती है। सामाज मे एक साथ कई घटना घटित होती है। सभी घटना को समझना तथा उसके अनुरुप चलना कठिन कार्य है। हमें अपनी कोई एक दिशा तय करनी होती है, जिसके सहारे हम आगे बढ़ते है। यही दिशा हमारे जीवन को एक अर्थ देता है। यह दिशा कौन हो, इसका सही प्रारुप क्या हो, इस बात को समझने के लिए हम समाज मे घटित होने वाले घटना को विश्लेषित करते…
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भाभी के साथ रंग

भाभी के साथ रंग

भाभी के साथ रंग होली हिन्दुओ में आपसी भाईचारा को स्थापित होने के लिए मनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध पर्व है जिससे आपसी बिद्वेश को कम करने के लिए एक दूसरे को उत्सहित किया जाता है। इससे एक पौराणिक कथा भी जुड़ा हुआ है। जिसमे होलिका का अंत हो जाता है तथा प्रहलाद को जीवन दान मिलता है। व्यवहारिक रुप मे होली आपसी भेदभाव को मिटाने का माध्यम है। रिस्ते में प्रगाढ़ता को बनाता देवर भाभी के रिस्ते का नोक-झोक देखते ही बनाता है। इसी भाव को व्यक्त करता यह काव्य रचना हमको आजकल के सामाजिक नजरीया के खुलापन के…
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